राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय उमरा में विद्यार्थियों को जागरूक करती टीम। स्रोत : पुलिस
हांसी। जिला पुलिस की ओर से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय उमरा में साइबर जागरूकता एवं राहगीरी कार्यक्रम आयोजित किया गया। पुलिस उपनिरीक्षक रविंद्र कुमार और साइबर अपराध थाना हांसी की टीम ने विद्यार्थियों को इंटरनेट के सुरक्षित इस्तेमाल, ऑनलाइन लेन-देन और साइबर ठगी से बचाव के उपाय बताए।
पुलिस ने विशेष रूप से समझाया कि क्यूआर कोड स्कैन करने से खाते में पैसे प्राप्त नहीं होते। अनजान व्यक्ति के भेजे क्यूआर कोड को बिना जांचे स्कैन न करें। टीम की ओर से बताया कि साइबर ठग बैंक या पुलिस अधिकारी, रिश्तेदार, परिचित अथवा कंपनी प्रतिनिधि बनकर एक बार इस्तेमाल होने वाला गुप्त अंक, बैंक पहचान संख्या, भुगतान पहचान संख्या, एटीएम की गुप्त संख्या और बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी मांग सकते हैं। ऐसी जानकारी साझा न करें।
विद्यार्थियों को संदिग्ध कड़ियों, फर्जी पहचान, ऑनलाइन खरीदारी, फर्जी नौकरी और इनाम के नाम पर होने वाली ठगी से भी सावधान किया गया। अनजान व्यक्ति का मित्रता अनुरोध स्वीकार करने, संदिग्ध कड़ी खोलने या किसी के कहने पर मोबाइल में अनुप्रयोग डालने से पहले पूरी जांच करने की सलाह दी गई।
सहायता के लिए 1930 पर करें शिकायत:
टीम ने बताया कि कहा कि किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी अभिभावकों, शिक्षकों या पुलिस को दें। ऑनलाइन ठगी होने पर घबराने के बजाय तुरंत साइबर सहायता नंबर 1930 पर शिकायत करें। विद्यार्थियों को यह जानकारी परिवार और आसपास के लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि साइबर सुरक्षा के लिए प्रत्येक व्यक्ति का जागरूक और सतर्क रहना जरूरी है।