हिसार। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) में 150 प्रतिशत तक फीस बढ़ोतरी के विरोध में विद्यार्थियों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। विद्यार्थियाें ने कुलपति कार्यालय का घेराव कर नारेबाजी। इसके विपरीत पीएचडी के विद्यार्थियों को मिलने वाला मासिक भत्ता 10 हजार से कम कर 5 हजार रुपये कर दिया है। पहले यह सभी विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप मिलती थी, अब केवल एक विद्यार्थी को मिलेगी। विद्यार्थियों ने कहा कि इन फीस को किसी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। विद्यार्थियों ने कहा कि मंगलवार को डीसी को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों ने कहा कि शिक्षा को इतना महंगा कर दिया गया है। गरीब परिवारों के लोग इतनी भारी भरकम फीस कैसे चुकाएंगे। केंद्र व प्रदेश की सरकार शिक्षा का निजीकरण करने जा रही है। मई महीने में प्रदेश सरकार ने सभी यूनिवर्सिटी को पत्र भेजकर अपने खर्च खुद वहन करने के निर्देश दिए हैं।ऐसे में यूनिवर्सिटी ने फीस बढ़ाकर शिक्षा पर हमला बोल दिया है। इस तरह से गरीब लोगों से शिक्षा का अधिकार छीना जा रहा है। युवाओं के रोजगार के अवसर लगातार कम किए जा रहे हैं। दूसरी ओर शिक्षा को लगातार महंगा किया जा रहा है। विद्यार्थियों ने कहा कि इस तरह से आम आदमी के अधिकार धीरे धीरे खत्म किए जा रहे हैं। पहले चिकित्सा का निजीकरण किया, अब शिक्षा का निजीकरण किया जा रहा है। जब तक फीस को वापस नहीं घटाया जाएगा तब तक आंदोलन को जारी रखेंगे।
गरीब विद्यार्थियों को शिक्षा से वंचित रखने वाला फैसला : ढांडा
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनुराग ढांडा ने एचएयू में 150 प्रतिशत तक फीस बढ़ोतरी का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि ये गरीब परिवार के विद्यार्थियों को शिक्षा से दूर रखने की साजिश है। आम आदमी पार्टी विद्यार्थियों को अपना समर्थन देती है। उन्होंने कहा कि एक तरफ तो सभी कोर्स की फीस दोगुनी कर दी गई। शिक्षा को महंगा कर विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों की कमर तोड़ने का काम किया है। केंद्र व प्रदेश की सरकार शिक्षा का निजीकरण करने जा रही है। यूनिवर्सिटी ने फीस बढ़ाकर शिक्षा पर हमला बोल दिया है।
शिक्षा हमारा अधिकार : माही
युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव मनोज टाक माही ने कहा कि शिक्षा हमारा अधिकार है। मौजूदा सरकार इसे व्यापार बनाने का काम कर रही है। जिस प्रकार से फीस में बढ़ोतरी हुई है, ये सरासर लूट है। पिछले साल 10% फीस बढ़ाई गई थी। इस बार तो फीस वृद्धि के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए गए। बीएसी ऑनर्स चार वर्षीय और छह वर्षीय में दाखिले की बात करें तो लड़कों में हॉस्टलर के लिए 113 से 116 प्रतिशत की फीस वृद्धि हुई है। लड़कियों में 68 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई हैं। प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को धमकी दी जा रही है।
फीस बढ़ोतरी का आंकड़ा (प्रॉस्पेक्टस के अनुसार)
लड़कों की फीस
कोर्स2022-23 2023-24- बढ़ोतरी
बीएससी ऑनर्स एग्रीकल्चर 4 वर्षीय-1563033415-17785
बीएससी ऑनर्स एग्रीकल्चर 6 वर्षीय -14530-3141516885
बीएससी फिशरीज -15630-33455-17785
बीएससी ऑनर्स एग्री बिजनेस मैनेजमेंट156303345517785
बीटैक एग्रीकल्चर इंजी.-20360 35455-15095
एमबीए 39670-48705-9035
पीएचडी 233905620532815
लड़कियों की फीस
कोर्स2022-23 2023-24- बढ़ोतरी
बीएससी ऑनर्स एग्रीकल्चर 4 वर्षीय-1453024455-9925
बीएससी ऑनर्स एग्रीकल्चर 6 वर्षीय -13430-224559025
बीएससी फिशरीज -14530-244559925
बीएससी ऑनर्स एग्री बिजनेस मैनेजमेंट14530-24495-9925
बीएससी ऑनर्स कम्युनिटी साइंस14530-245559925
बीटैक एग्रीकल्चर इंजी.-15410 -25455-10045
एमबीए -39670-48705-8035
पीएचडी 233905620532815
प्रदेश के विश्वविद्यालयों के शिक्षक व गैर शिक्षक कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने सोमवार को रोहतक एमडीयू में बैठक की। इसमें विश्वविद्यालयों के निजीकरण के प्रयास पर सरकार का विरोध करने का फैसला लिया है। सभी यूनिवर्सिटी शिक्षक व गैर शिक्षक 20 जून को एमडीयू को बंद करेंगे। इसके बाद हर सोमवार को एक विश्वविद्यालय को बंद किया जाएगा। प्रदेश भर की 20 यूनिवर्सिटी में यह बंद होंगे। - विनोद गोयल, प्रधान, जीजेयू शिक्षक संघ