हिसार। गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय से संबंद्ध कॉलेजों में 26 नवंबर से पहले सेमेस्टर की परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं। ऐसे में के विद्यार्थी पेपर नवंबर के बजाय दिसंबर में करवाने की मांग कर रहे हैं, जिससे विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम पूरा करने का समय मिल जाए। वहीं इस मामले को लेकर गवर्नमेंट पीजी कॉलेज ने भी विवि को पत्र लिखकर परीक्षाएं 10 दिन देरी से करवाने की बात भी कही थी, इस मामले में मंगलवार को विवि प्रशासन ने बैठक भी की थी, लेकिन मामले विवि प्रशासन ने पेपर देरी से कराने को लेकर मना कर दिया। शहर में जीजेयू से संबद्ध 5 कॉलेज हैं जिनमें प्रथम वर्ष में 4000 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों ने दाखिला लिया हुआ है। वहीं अगर जिले की बात करें तो ये आंकड़ा 10 हजार से ज्यादा का है। सबसे ज्यादा समस्या प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को हो रही है।
गौरतलब है कि कॉलेज में 6 नवंबर तक दाखिले हुए हैं। इससे पहले 21 से 23 अक्तूबर तक भी दाखिले हुए थे। इस बार दाखिले देरी से होने और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) लागू होने से विद्यार्थियों का सिलेब्स पूरा नहीं हो पाया है। वहीं विद्यार्थियों का कहना है कि उन्हें इस बार पाठ्यक्रम भी देरी से मिला है और वह अभी तक पूरा भी नहीं हुआ है। ऐसे में पेपर देरी से करवाने पर उन्हें सिलेब्स पूरा करने में मदद मिलती।
एनईपी लागू होने से विद्यार्थियों को सिलेब्स से संबंधित समस्याएं शुरू से ही आ रही हैं। विद्यार्थी कई बार शिकायत भी कर चुके हैं और पाठ्यक्रम के हिसाब से बुक्स और नोट्स न मिलने पर विरोध भी जता चुके हैं। इतना ही नहीं कई विषयों की पुस्तकें तो बाजार में भी नहीं आई हैं। वहीं विद्यार्थियों को एनईपी में मेजर और माइनर विषय को लेकर भी परेशानी उठानी पड़ी थी। विद्यार्थियों नें अपने संकाय के अलावा दूसरे संकाय के विषय पढ़ने पर एतराज जताया था।
प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों की परीक्षाएं नवंबर की जगह दिसंबर में करवाने को लेकर विवि प्रशासन को कॉलेज की तरफ से पत्र लिखा गया था, जिस मामले में मंगलवार को विवि में बैठक भी थी। इस दौरान विवि प्रशासन ने परीक्षाएं देरी से करवाने के लिए मना कर दिया। -
डॉ. विवेक सैनी, प्राचार्य, गवर्नमेंट पीजी कॉलेज, हिसार।
विद्यार्थियों की परीक्षाओं के लिए शेड्यूल तैयार किया गया है। ऐसे में अगर परीक्षाएं देरी से करवाते हैं तो कई क्लासों की परीक्षाओं का शेड्यूल बदलना पड़ेगा। जिन कॉलेजों में सिलेब्स पूरा नहीं हुआ है वहां के शिक्षकों को सिलेब्स पूरा करवाने के लिए कहा जाएगा।
- प्रो. संजीव कुमार, डीन ऑफ कॉलेजिज, जीजेयू।