सेक्टर 13 स्थित विज्डम स्कूल में शुक्रवार सुबह एक बच्चे को उसके पिता द्वारा ही जबरदस्ती ले जाने पर हंगामा मच गया। बच्ची को ले जाने से रोकने पर पिता के साथ आए दो लोगों ने शिक्षिकाओं के साथ बदसलूकी करते हुए हाथापाई भी की। इसमें उन्हें हल्की चोटें आई हैं। किसी तरह से स्कूल प्रशासन ने पुलिस को घटना की सूचना दी और पुलिस मौके पर पहुंची।
शिक्षिकाओं द्वारा पकडे़ हुए दो युवकों को पुलिस अपने साथ थाने ले आई। घटना की सूचना स्कूल प्रशासन की ओर बच्चे के परिजनों को की गई, जिसके बाद बच्चे के मामा व अन्य ननिहाल पक्ष के लोग सिविल थाने पहुंचे। बच्चे के मामा ने उसके पिता पर आरोप लगाते हुए पुलिस को लिखित में शिकायत दी। इस शिकायत में उन्होंने बच्चे के पिता पर उसके अपहरण का आरोप लगाया। बच्चे की मां की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने के बाद बच्चा अपने ननिहाल में है, जबकि पानीपत निवासी उसका पिता उसे अपने साथ ले जाना चाहता है। पुलिस ने यह मामला एसडीएम पानीपत को ही सौंप दिया है।
स्कूल प्रशासन के अनुसार घटना आठ से साढे़ आठ बजे के बीच की है। उस समय स्कूल में एसेंबली हो रही थी। उस दौरान स्कूल के अंदर यूकेजी के छात्र नूरान से मोहब्बतपुर निवासी उसके पिता विक्रम बैनीवाल अपने दो साथियों के साथ मिलने आए। वह अपने बेटे के साथ बातचीत करने लग गए और अन्य दोनों व्यक्ति उनके पास ही खडे़ रहे। विक्रम अपने बेटे के साथ बात करते हुए उसे अपने साथ ले जाने लगा, लेकिन नूरान ने जाने से मना कर दिया। ऐसे में वह उसे अपने साथ ले जाने के लिए जबरदस्ती करने लगा। अभी तक मूकदर्शक बना स्कूल प्रशासन सतर्क हो चुका था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्कूल प्रशासन ने मुख्य गेट बंद कर दिया। इसके बाद जब शिक्षिकाओं ने उनसे बच्चे को उन्हें सौंपने की बात कही तो बच्चे के पिता व उसके साथी ने उनके साथ हाथापाई करनी शुरू कर दी। इसके कारण दो शिक्षिकाओं को मामूली चोटें भी आई। पुलिस जब स्कूल में पहुंची तो एक युवक किसी तरह से पुलिस को चकमा देकर मौके से फरार हो गया। पुलिस दोनों युवकों को गिरफ्तार कर सिविल लाइन थाने ले गई, जहां पर बच्चे का मामा अरविंद व अन्य ननिहाल पक्ष के लोग पहुंच गए।
स्कूल के प्राचार्य हरपाल पिलानियां ने कुछ भी बताने से साफ इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि मैं इस बारे में कोई बात नहीं करना चाहता हूं। मैंने अपनी तरफ से यह मामला खत्म कर दिया है।
पुलिस ने बताया कि बच्चे की मां डाबडा गांव की रहने वाली थी और वह पानीपत रह रही थी। इसी साल फरवरी में पानीपत स्थित मॉडल टाउन में अज्ञात परिस्थितियों में जहरीला पदार्थ निगलने से उसकी मौत हो गई थी। इस दौरान विवाहिता के परिजन पति के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज करवाकर नूरान को अपने साथ ले आए थे। उसी समय से नूरान सिंह के पिता मोहब्बतपुर निवासी विक्रम बैनीवाल ने अपने बच्चे को पाने का मामला कोर्ट में चल रहा है। नूरान के पिता को अपने बेटे से मिलने के लिए 10 जुलाई तक का कोर्ट से समय मिला हुआ था।
एसएचओ बिजेंद्र नैन ने कहा कि दोनों पक्षों को एसडीएम अशोक कुमार बंसल को सौंप दिया था। एसडीएम ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद उन्हें पानीपत एसडीएम के पास जाने के आदेश दिए हैं क्योंकि इस मामले को लेकर पहले भी कोर्ट में केस चल रहा है। इसलिए दोनों पक्षों को पानीपत जाने को कहा गया।