हिसार। अब सरकारी स्कूलों में पहली से 8वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को बिना स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट (एसएलसी) के अस्थायी दाखिला मिलेगा। वहीं, 9वीं से 12वीं कक्षा में दाखिला लेने के लिए एसएलसी अनिवार्य होगी। जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि यह नियम सिर्फ सरकारी स्कूलों में लागू होगा।
नए शैक्षणिक सत्र के दौरान विद्यार्थियों को निजी स्कूलों से सरकारी स्कूलों में दाखिले के लिए परेशानी आ रही थी। साथ ही एसएलसी अनिवार्यता को लेकर अभिभावक असमंजस में थे। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने इसका समाधान निकालते हुए सरकारी स्कूलों में दाखिला लेने वाले इच्छुक विद्यार्थियों को छूट दी है कि वे पहली से 8वीं कक्षा तक बिना एसएलसी अस्थायी तौर पर दाखिला ले सकते हैं। गौरतलब है कि एसएलसी अनिवार्यता को लेकर हाईकोर्ट में केस विचाराधीन है, जिस पर 30 जुलाई 2021 को अगली सुनवाई होनी है।
अभिभावकों को भरना होगा स्वघोषणा पत्र
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है जो इच्छुक विद्यार्थी सरकारी स्कूलों में दाखिला लेना चाहते हैं, उन्हें किसी कारणवश निजी स्कूलों ने एसएलसी नहीं दी है। ऐसे अभिभावकों को स्वघोषणा पत्र भरकर देना होगा। इसमें अभिभावक को विद्यार्थी से संबंधित तमाम जानकारी भरकर स्कूल मुखिया को जमा करवानी होगी। यह नियम पहली से 8वीं कक्षा में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों पर ही लागू होगा।
एसएलसी के लिए अभिभावकों को चक्कर कटवा रहे निजी स्कूल
शिक्षा विभाग के अधिकारियों को रोजाना पांच से छह शिकायतें मिल रही है कि निजी स्कूल एसएलसी के लिए अभिभावकों को चक्कर कटवा रहे हैं। पहली से 8वीं कक्षा में एसएलसी संबंधित शिकायतें अधिक मिल रही थी। जिसको लेकर शिक्षा निदेशालय ने 10 मार्च 2021 को आदेश दिए थे कि पहली से 8वीं कक्षा के अंदर दाखिले लेने वाले विद्यार्थियों को एसएलसी की जरूरत नहीं होगी।
आठवीं तक ले सकेंगे अस्थायी दाखिला : सिहाग
बिना एसएलसी अब पहली से 8वीं कक्षा में अस्थायी तौर पर विद्यार्थी दाखिला ले सकेंगे, जबकि 9वीं व 12वीं कक्षा में दाखिला लेने के लिए यह नियम लागू नहीं होगा। - कुलदीप सिहाग, डीईओ, हिसार