सेक्टर 15 की ग्रीन बेल्ट में पत्तों में आग लगने के बाद उठता धुआं।
हिसार। जिले में शुक्रवार को पराली जलाने के दो मामले आए। वहीं 5 दिन बाद भी लोगों को प्रदूषण से राहत नहीं मिली। इस दौरान वायु गुणवत्ता सूचकांक 367 दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के मुताबिक बंगाल की खाड़ी पर एक अत्याधिक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इस वजह से आने वाले दिनों में हल्की पूर्वी हवा के चलने से केवल आंशिक रूप से इस प्रदूषण में राहत की संभावना है।
बता दें कि दिवाली पर हुई आतिशबाजी व पराली जलाने से 13 नवंबर को वायु गुणवत्ता सूचकांक बहुत खराब की श्रेणी में पहुंच गया था। तब से यह 300 के ऊपर ही बना हुआ है। इससे वीरवार को यह 360, बुधवार को 367, मंगलवार को 357 व सोमवार को 303 था। मौसम विशेषज्ञों की मानें तो वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) को 0-50 के बीच बेहतर, 51-100 के बीच संतोषजनक, 101 से 200 के बीच सामान्य, 201 से 300 के बीच खराब, 301 से 400 के बीच बहुत खराब और 401 से 500 के बीच गंभीर माना जाता है।
डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि फिलहाल एक कमजोर श्रेणी का पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जिस कारण दिन व रात के तापमान में बढ़ोतरी हुई है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 2.2 डिग्री की बढ़ोतरी के साथ 29.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा न्यूनतम तापमान भी 2.2 डिग्री बढ़ा और यह 12.4 डिग्री सेल्सियस रहा। डॉ. चंद्रमोहन के मुताबिक इसके बाद 19, 21 व 25 नवंबर को उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर कमजोर श्रेणी के पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से हवाओं की दिशा और दशा में परिवर्तन होने से मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा, जिससे बीच बीच में आंशिक बादलवाही और तापमान में उतार चढ़ाव देखने को मिलेगा।