हिसार। पराली जलाने के बढ़ते मामलों पर कृषि विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। जिले में पराली जलाने के मामलों में लापरवाही बरतने पर विभाग ने दो ब्लॉक एग्रीकल्चर ऑफिसर (बीएओ) और एक एग्रीकल्चर डेवेलपमेंट ऑफिसर (एडीओ) को निलंबित कर दिया है। वहीं राजस्व विभाग ने ग्राम सचिवों और पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।
कृषि विभाग के अनुसार अब तक जिले में 49 पराली जलाने के केस सामने आए हैं, जिनमें 23 मामले सही पाए गए। सेटेलाइट से मिले इनपुट के आधार पर टीमों ने मौके पर जांच की, जहां करीब तीन मीटर के दायरे में घास जलती हुई मिली। पिछले दो दिनों से लगातार मामले बढ़ने के बाद विभागीय मुख्यालय ने कार्रवाई करते हुए बरवाला और हांसी के बीएओ तथा अग्रोहा के एडीओ को निलंबित कर दिया।
पराली जलाने पर रोक लगाने के लिए विभाग ने 578 अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है। इनमें ग्रीन जोन के गांवों में 100 किसानों पर एक नोडल अधिकारी और येलो जोन में 50 किसानों पर एक नोडल अधिकारी तैनात किया गया है। ये अधिकारी रोजाना पराली जलाने की रिपोर्ट मुख्यालय को भेजते हैं।
पिछले वर्ष जिले में पराली जलाने के कुल 49 केस सामने आए थे, जबकि इस बार शुरुआत में ही उतने मामले दर्ज हो चुके हैं। विभाग ने चेतावनी दी है कि पराली जलाने वाले किसानों पर एफआईआर, जुर्माना और मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर रेड एंट्री की जाएगी।