हांसी। शहर में स्ट्रीट लाइटों की संख्या पहले के मुकाबले एक तिहाई बढ़ी है लेकिन नगर परिषद स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव के टेंडर के लिए दोगुणा से ज्यादा खर्च करेगी। इस बार नगर परिषद ने 75 लाख रुपये का टेंडर लगाया है। जबकि पुराना टेंडर करीब 36 लाख रुपये में दिया हुआ है।
पहले शहर में 10,642 स्ट्रीट लाइटें थीं। बीते वर्ष 3,500 नई स्ट्रीट लाइटें लगी थी। जिससे अब लाइटों की संख्या बढ़कर 14,100 हो गई है। नई स्ट्रीट लाइटें तीन वर्ष की वारंटी में हैं। ठीक होने पर इन्हें बदलवाया जा सकता है। लेकिन नगर परिषद ने टेंडर एक तिहाई बढ़ाने की जगह दोगुना कर दिया है।
नगर परिषद ने बीते वर्ष स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव का टेंडर हिसार की फर्म को 36 लाख रुपये में दिया था। फर्म ने रखरखाव के लिए दस कर्मचारी लगा रखे हैं। वहीं स्ट्रीट लाइटों को ठीक करने के लिए हाइड्रोलिक मशीन की व्यवस्था फर्म की तरफ से ही की जाती थी।
यह टेंडर 15 मार्च को खत्म होगा। इससे पहले ही नगर परिषद ने टेंडर लगा दिया। ताकी पिछले टेंडर की समय सीमा खत्म होते ही अगली फर्म काम शुरू कर दे। जिससे स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था न बिगड़े। लेकिन इस टेंडर में नगर परिषद पहले से दोगुणा खर्च करेगी।
3,500 नई स्ट्रीट लाइटें वारंटी समय में : नगर परिषद ने बीते वर्ष 1.31 करोड़ रुपये की लागत से 3,500 नई स्ट्रीट लाइटें बजाज कंपनी की लगवाई थी। इसमें 100 लाइटें प्रत्येक वार्ड में दी गई थी। 800 लाइटें मुख्य मार्ग पर लगाई गई थी। इन स्ट्रीट लाइटों की तीन वर्ष की वारंटी है। अगर यह स्ट्रीट लाइटें खराब हुई तो इन्हें ठीक करवाया जा सकता है।
लेकिन नगर परिषद के अधिकारियों ने इन स्ट्रीट लाइटों को पुरानी स्ट्रीट लाइटों के साथ जोड़कर टेंडर लगाया है।
काली देवी चौक से नई सब्जी मंडी तक लगेगी स्ट्रीट लाइट
काली देवी चौक से नई सब्जी मंडी तक 64 लाख रुपये की लागत से नई स्ट्रीट लाइटें और पोल लगाए जाएंगे। यह पोल पहले से लगे हुए डिजाइनर पोल की तरह ही लगाए जाएंगे। अभी इस मार्ग पर स्ट्रीट लाइटों की संख्या कम है। जिससे रात के समय वाहन चालकों को परेशानी होती है। जिसे देखते हुए लोकनिर्माण विभाग ने टेंडर लगाया है। काली देवी चौक से नई सब्जी मंडी तक के रोड को बीते वर्ष फोरलेन किया गया था। फोरलेन के साथ ही यहां सड़क के बीच में डिवाइडर बनाया गया है। इस डिवाइडर में यह स्ट्रीट लाइटें व पोल लगाए जाएंगे। लोकनिर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार पोल व लाइट लगाने वाली फर्म को ही इसकी देखभाल करनी होगी।
शहर में लगी नई स्ट्रीट लाइटें वारंटी समय में है। नई स्ट्रीट लाइटों को अगर टेंडर में जोड़ा है तो गलत है। अधिकारियों ने जो टेंडर लगाया है, उसके बारे में उनसे बात करेंगे। - प्रवीन ऐलावादी, चेयरपर्सन