हिसार। शहर के सेक्टर-14 पार्ट टू में निर्माणाधीन सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की समयावधि पूरी हो गई है, लेकिन अभी तक एसटीपी बनकर तैयार नहीं हुआ है। सेक्टरवासियों की मानें तो एसटीपी के निर्माण की रफ्तार काफी धीमी है। हालांकि एचएसवीपी के अधिकारियों का कहना है कि प्रोजेक्ट की समयावधि छह माह और बढ़ा दी गई है।
बता दें कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) की तरफ से सेक्टर-14 पार्ट टू में एसटीपी का निर्माण किया जा रहा है। इस एसटीपी में एसबीआर (स्केवेंशियल बैच रिएक्टर) टेक्नोलॉजी के जरिये पानी को साफ किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट पर 22.23 करोड़ रुपये खर्च आएगा। तीन एकड़ जगह पर 15 एलएलडी की क्षमता वाला यह एसटीपी बनाया जा रहा है। एजेंसी को इसे जून 2022 तक तैयार करके देना था। इस एसटीपी के जरिये सेक्टर-14, सेक्टर-14 पार्ट टू व सेक्टर-33 के सीवरों का पानी शोधित किया जाएगा।
10 तक पहुंच जाएगी बीओडी
निर्माणाधीन एसटीपी में एसबीआर टेक्नोलॉजी की मदद से सीवर के पानी को शोधित किया जाएगा। अमूमन सीवर के पानी की बीओडी (बायोलॉजिकल ऑक्सीडेशन डिमांड) 300 तक होती है। इस टेक्नोलॉजी की मदद से यह मात्रा 10 बीओडी तक पहुंच जाएगी। सिंचाई के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले पानी की बीओडी 30 तक होनी चाहिए। मतलब यह पानी सिंचाई के लिए एकदम उपयुक्त रहेगा। बता दें कि ऑक्सीजन की वह मात्रा जो जल में कार्बनिक पदार्थों के जैव रासायनिक अपघटन के लिए आवश्यक होती है, उसे बीओडी कहते हैं।
पूरी तरह कंप्यूराइज्ड होगा यह एसटीपी
इस एसटीपी की एक और खासियत यह है कि यह पूरी तरह से कंप्यूटराइज्ड होगा। अगर इसमें कोई तकनीकी खराबी आती है तो तुरंत कंप्यूटर वह सूचित कर देगा कि एसटीपी के किस भाग में और क्या खराबी आई हुई है। ऐसे में उस खराबी को तुरंत ठीक किया जा सकेगा।
लॉकडाउन के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हुए था। इस कारण से प्रोजेक्ट की समयावधि छह माह बढ़ा दी गई है। एजेंसी को इसे दिसंबर 2022 तक तैयार करके देना है। - पवन वर्मा, एक्सईएन, एचएसवीपी
इस प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य काफी धीमी गति से चल रहा है। अधिकारियों को इस पर संज्ञान लेना चाहिए।
- प्रवीन सिंगल, संरक्षक, आरडब्ल्यूए सेक्टर 14 पार्ट टू