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तूफान में पेड़ गिरने से बालसमंद सब ब्रांच टूटी, 350 से अधिक झुग्गियां डूबीं

Tue, 24 May 2016 11:54 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
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तूफान में पेड़ गिरने से बालसमंद सब ब्रांच टूटी, 350 से अधिक झुग्गियां डूबीं - फोटो : bureau
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सोमवार को आए तूफान के कारण बालसमंद सब ब्रांच टूट गई। सेक्टर 16-17 के पास नहर टूटने से करीब दो किलोमीटर के दायरे में जलभराव हो गए। नहर की पटरियों पर पानी भर जाने के कारण दो ट्रेन प्रभावित हुईं। करीब 350 से अधिक झुग्गियां जलभराव की चपेट में आ गईं।
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कई स्थानों पर बाढ़ जैसे हालात हो गए। साढे़ 8 घंटे बाद पानी के बहाव को बंद कर नहर दोबारा से चालू की गई।

तूफान के कारण नहर में पेड़ गिरने से ओवरफ्लो होकर बालसमंद सब ब्रांच मंगलवार की तड़के करीब तीन बजे सेक्टर 16-17 के पास टूट गई। नहर का करीबन 15 फुट का हिस्सा टूट जाने से नहर का पानी से शहर की ओर बहने लगा। कुछ ही मिनटों में पानी सेक्टर 16-17 में फैल गया।

नहर की पटरियों से बहता पानी पटेल नगर क्षेत्र में भी पहुंच गया। पीसीआर नंबर 9 वहां पर गश्त कर रही थी। इंचार्ज प्रीतम ने तेज बहाव पानी देखकर एसएचओ को सूचना दी। सिविल लाइन एसएचओ सतबीर सैनी मौके पर पहुंचे।
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एसएचओ सतबीर सैनी ने अपने साथियों के साथ सेक्टर 16-17 एरिया में बनी झुग्गियों में जाकर मौके पर लोगों को जगाया। तुरंत प्रभाव से महिलाओं व बच्चों को वहां से निकालते हुए झुग्गियों को खाली कराया गया।

समाजसेवियों को सलाम
समाजसेवी नत्थूराम, दलबीर किरमारा, त्रिलोक बंसल ने झुग्गियों से लोगों को निकालने में उनकी मदद की। बाद में इन लोगों ने इन लोगों के लिए चाय व खाने का प्रबंध किया। दलबीर किरमारा ने कहा कि ऐसे मौके पर हर किसी को मदद के लिए आगे आना चाहिए।

पड़ोसी कॉलोनियों में अलर्ट
नहर टूटने की जानकारी आजाद नगर चौक, कोर्ट कांप्लेक्स चौकी में भी सूचित किया। इन सभी ने पीसीआर राइडर ने लोगों को नहर टूट जाने की जानकारी देकर अलर्ट किया। करीब छह बजे तक लोगों को अलर्ट करते हुए सावधान रहने का निर्देश दिया गया।

एसडीएम अशोक बंसल पहुंचे
पुलिस टीम ने डीसी आवास पर भी घटना की जानकारी दी। इसके बाद नहर विभाग के एससी को फोन किया। नहर विभाग के जूनियर इंजीनियर को मौके पर बुलाकर सातरोड हेड से करीब पांच बजे नहर को बंद कराया गया। करीब छह बजे एसडीएम अशोक बंसल मौके पर पहुंचे।

क्यों टूटी नहर
सिंचाई विभाग के अनुसार सोमवार को तूफान में भारी संख्या में पेड़ टूटकर नहरों में गिरे। बहाव के साथ यह पेड़, पत्ते, घास आदि बहाव के साथ साइफन तक पहुंच गए। सेक्टर 16-17 फाटक के पास साइफन में पेड़ पत्ते फंस गए, जिस कारण नहर ओवरफ्लो होकर टूट गई।

ट्रेन प्रभावित
नहर के पानी का बहाव पटरियों से हो रहा था, जिस कारण पटरियों के नीचे से मिट्टी भी खिसक रही थी। पुलिस ने रेलवे की फाटक पर नियुक्त कर्मचारी के जरिए रेलवे स्टेशन तक सूचना पहुंचाई। हिसार जोधपुर रेलवे ने ट्रेन को घटनास्थल से पहले ही रोक लिया।

रेलवे इंजीनियरिंग की टीम ने मौके का मुआयना किया। ट्रैक को दुरुस्त करने के बाद रिपोर्ट दी। इससे जोधपुर ट्रेन, लुधियाना ट्रेन पांच घंटे देरी से पहुंची। इसके बाद ट्रेन को बेहद कम स्पीड में इस एरिया से गुजारा गया।

सीपीएस कमल गुप्ता ने मांगी रिपोर्ट
स्विटजरलैंड गए सीपीएस डॉ. कमल गुप्ता को मंगलवार की सुबह व्हाटस एप के जरिए नहर टूटने की जानकारी मिली। उन्होंने डीसी निखिल गजराज से इस बारे में पूरी रिपोर्ट मांगी, जिसमें नहर टूटने के कारणों के बारे में पूछा। भाजपा जिला महामंत्री सुजीत कुमार को मौके पर भेजा। साथ ही प्रभावित लोगों की मदद के लिए भी निर्देश दिए।

तूफान के कारण गिरे पेड़ व पत्ते नहर के साइफन में फंसे। जिस कारण नहर ओवरफ्लो होकर टूट गई। हमारे कर्मचारियों ने जेसीबी मशीनों की मदद से साढे़ 8 घंटे में नहर की मरम्मत कर इसे दोबारा से चालू कर दिया।
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- एआर भांभू, अधीक्षक अभियंता, सिंचाई विभाग
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