हिसार। कॉलेजों में यूजी प्रथम वर्ष में दाखिला लेने के लिए स्कूली खिलाड़ियों का काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उच्चतर शिक्षा विभाग के आदेशानुसार केवल स्पोर्ट्स ग्रेडेशन सर्टिफिकेट के आधार पर ही खिलाड़ियों को दाखिला दिया जाएगा। इधर नई खेल नीति 2018 के तहत राज्य स्तरीय स्कूली खेल प्रतियोगिता के विजेता खिलाड़ियों के स्पोर्ट्स ग्रेडेशन सर्टिफिकेट बनाने बंद किए जा चुके हैं। नई खेल नीति के तहत केवल स्कूली नेशनल खेल प्रतियोगिता में मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों के डी ग्रेड के सर्टिफिकेट बनाए जा रहे हैं। स्टेट लेवल के खिलाड़ियों की अनदेखी की जा रही है।
सोमवार को गवर्नमेंट पीजी कॉलेज हिसार स्पोर्ट्स कोर्ट की सीटों के लिए दाखिला प्रक्रिया की फिजिकल काउंसिलिंग हुई। एडमिशन लेने के लिए आए अधिकतर खिलाड़ियों के पास स्पोर्ट्स ग्रेडेशन सर्टिफिकेट नहीं था। जब उन खिलाड़ियों से ग्रेडेशन सर्टिफिकेट के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उनके पास स्कूली खेल प्रतियोगिता का राज्य स्तरीय सर्टिफिकेट है और खेल विभाग स्कूली राज्यस्तरीय के विजेता खिलाड़ियों का ग्रेडेशन सर्टिफिकेट नहीं बना रहा है। ऐसे में ये खिलाड़ी बिना दाखिला लिए लौट गए।
विद्यार्थियों का कहना है कि स्कूलों के अधिकतर विद्यार्थी राज्य स्तरीय स्कूल खेल प्रतियोगिता में भाग लेने तक 12वीं पास हो जाते हैं। जबकि राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के आधार पर स्पोर्ट्स ग्रेडेशन सर्टिफिकेट बनते नहीं। ऐसे में विद्यार्थी दाखिला लेने से वंचित रह रहे हैं।
स्पोर्ट्स ग्रेडेशन सर्टिफिकेट की पुरानी खेल नीति
पुरानी खेल नीति के तहत स्कूली खेल प्रतियोगिता में जिला स्तर के विजेता खिलाड़ियों का डी ग्रेड का ग्रेडेशन सर्टिफिकेट बनता था। स्कूली राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के विजेता खिलाड़ियों का सी व डी ग्रेड का सर्टिफिकेट बनता था। इसके साथ ही स्कूली नेशनल खेल प्रतियोगिता के विजेता खिलाड़ियों का सी ग्रेड का स्पोर्ट्स ग्रेडेशन सर्टिफिकेट बनता था। पुरानी नीति में स्कूली नेशनल में भाग लेने का भी ग्रेडेेशन सर्टिफिकेट मिलता था।
नई खेल नीति
नई खेल नीति 2018 के तहत स्कूली जिला स्तरीय व राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता के विजेता खिलाड़ियों के स्पोर्ट्स ग्रेडेशन सर्टिफिकेट बनने बंद हो गए हैं। स्कूली नेशनल खेलकूद प्रतियोगिता में विजेता खिलाड़ियों के डी ग्रेड के सर्टिफिकेट बनाए जा रहे हैं। स्कूल गेम फेडरेशन ऑफ इंडिया के सदस्यों ने सरकार से मांग की है कि नई खेल नीति में कुछ बदलाव करके स्कूली राज्य स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता में डी ग्रेड व नेशनल प्रतियोगिता में सी ग्रेड का स्पोर्ट्स ग्रेडेशन सर्टिफिकेट बनाने की घोषणा की जाए, ताकि 12वीं पास विद्यार्थियों को कॉलेज व अन्य शैक्षणिक संस्थानों में खेल कोटे से दाखिला मिल सके।
दो साल से नहीं हुई थी स्कूली खेलकूद प्रतियोगिता
कोरोना महामारी के कारण के लगातार दो साल स्कूली खेलकूद प्रतियोगिता नहीं हो पाई थी। महामारी से राहत मिलने के बाद फिलहाल खेल विभाग ने स्कूली खेल कूद प्रतियोगिता करवाई है। दो दिवसीय ब्लॉक स्तरीय प्रतियोगिता हो चुकी है। अगले सप्ताह जिला स्तरीय स्कूल प्रतियोगिता होगी।
नई खेल नीति 2018 में जिला स्तरीय व राज्य स्तरीय स्कूली खेलकूद प्रतियोगिता के स्पोर्ट्स ग्रेडेशन सर्टिफिकेट बनाने बंद कर दिए हैं। इससे विद्यार्थियों को नुकसान हुआ है। हमारी सरकार से मांग है कि इसको बहाल किया जाए। - कुलदीप नैन, डीपीई, शिक्षा विभाग
उच्चतर शिक्षा विभाग के आदेशानुसार केवल स्पोर्ट्स ग्रेडेशन सर्टिफिकेट के आधार पर ही दाखिला दिया जाएगा। सोमवार को फिजिकल कॉलेज में खेल कोटे के दाखिले के लिए ओपन काउंसिलिंग करवाई थी। अधिकतर विद्यार्थियों के पास स्कूली खेलों का तो सर्टिफिकेट था पर स्पोर्ट्स ग्रेडेशन सर्टिफिकेट नहीं था। इस कारण हम उनका दाखिला नहीं कर सके। - डॉ. सुखबीर दूहन, खेल विभाग, गवर्नमेंट कॉलेज