नारनौंद। नगरपालिका कर्मचारियों की हड़ताल के बीच सोमवार को नारनौंद के नागरिक अस्पताल के पास कूड़ा उठाने को लेकर प्रशासन और सफाई कर्मचारियों में तनातनी हो गई। पुलिस सुरक्षा में प्रशासन ने कूड़ा उठाने की कार्रवाई शुरू की तो हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने इसका विरोध किया। स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस ने 25 कर्मचारियों को हिरासत में लेकर थाने में पहुंचाया। इसके बाद भारी पुलिस बल और ड्यूटी मजिस्ट्रेट की निगरानी में कूड़ा उठाया गया।
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। सरकार के साथ वार्ता होने के बावजूद मांगों का समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने नियमितीकरण को कर्मचारियों की प्रमुख मांग बताते हुए कहा कि हड़ताल के दौरान वैकल्पिक व्यवस्था से कूड़ा उठवाना आंदोलन को कमजोर करने का प्रयास है।
योगेंद्र माजरा, देवेंद्र लोहान, जसवीर श्योकंद, मंशा राम और नरेश कुमार आदि कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सफाई कर्मचारी शहर की सफाई व्यवस्था की रीढ़ हैं और वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें स्थायी कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया जा रहा। उन्होंने कहा कि मांगों पर सकारात्मक फैसला लेने के बजाय पुलिस कार्रवाई करना उचित नहीं है।
कर्मचारियों ने कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें उठा रहे हैं और बातचीत से समाधान चाहते हैं। उन्होंने मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी।
कर्मचारियों ने थाने में भी की नारेबाजी :
प्रशासन और पुलिस ने कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया लेकिन विरोध जारी रहने पर कुछ कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया गया। व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा। खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी सत्यवान बूरा को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था। नगरपालिका सचिव प्रदीप कुमार भी मौके पर मौजूद रहे। पुलिस की मौजूदगी में कूड़ा उठाया गया। हिरासत में लिए कर्मचारियों ने थाने में भी नारेबाजी की। बाद में कर्मचारियों को छोड़ दिया गया।