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रेप मामले को लेकर दलित मोहल्लों में पसरा सन्नाटा

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दो युवतियों से रेप के मामले में गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। सरपंच पर कार्रवाई न करने से नाराज गांव के दर्जन भर दलित परिवार मंगलवार सुबह गांव से पलायन कर अपने जरूरी सामान सहित लघु सचिवालय स्थित धरने पर आकर बैठ गए।

इससे गांव की अनुसूचित जाति के लोगों की गलियों में बिल्कुल ही खामोशी छा गई। गांव में दलित मोहल्लों में स्थित उनके घरों में ताले लगे हुए थे। घरों के बच्चे और बड़ों सभी हिसार आए हुए थे।
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ग्रामीणों ने बताया कि जल्द ही उनको न्याय नहीं मिला तो गांव से पशुओं को भी लाकर यहां लघु सचिवालय में बांध देंगे। हालांकि मंगलवार शाम को कुछ परिवार एसपी से मिले आश्वासन के बाद गांव लौट गए, लेकिन अभी भी उनके चेहरे पर आक्रोश साफ झलक रहा है। वहीं, दबंग परिवारों के यहां भी कोई नजर नहीं आ रहा।

पीड़ित परिवार लगभग एक सप्ताह से सचिवालय में ही धरने पर डटे हुए हैं। उन्होंने यहीं पर चूल्हा बना लिया है और यहीं पर खाने-पीने की व्यवस्था भी की है।

उनका साफ कहना है कि जब तक इस मामले में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई नहीं की जाएगी तब तक वे यहां से उठने वाले नहीं हैं।

पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि दुराचार अगवा की गई सभी चार लड़कियों के साथ किया गया है, जबकि पुलिस केवल दो का ही मान रही है।
धरने का नेतृत्व कर रहे वीरेंद्र बागोरिया ने दावा किया है कि उनके पास मेडिकल रिपोर्ट की कॉपी है, जिसमें चारों लड़कियों के साथ रेप की पुष्टि है।

पुलिस पीआरओ हरीश भारद्वाज ने बताया कि एससी आयोग को जो रिपोर्ट सौंपी है, उसमें दो के साथ दुष्कर्म की पुष्टि की बात है। उन्होंने कहा कि दूसरी लड़की के साथ हुए दुष्कर्म मामले में कौन से युवक शामिल हैं, चार्जशीट देते समय आरोप शामिल किए जाएंगे।
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उन्होंने कहा कि अभी तक कोर्ट में चालान पेश नहीं किया गया है। जो भी लोग इस मामले में किसी ने किसी ढंग से संलिप्त रहे हैं, उन्हें दोबारा पीड़िताओं के बयान के आधार पर जांच में शामिल कर लिया जाएगा।

जांच में अगर दोषी मिले तो उन पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

जिले के एक गांव से 23 मार्च को गांव की दलित परिवार की दो युवतियों और दो किशोरियों का पांच युवकों ने अपहरण कर लिया था।

आरोप है कि अपहरण के बाद दुराचार किया गया। पुलिस ने इस मामले मेें ललित, सुमित, संदीप, परमल और धर्मबीर को गिरफ्तार कर लिया है।

पीड़ित परिवार का कहना है कि सरपंच की भी इस मामले में मिलीभगत है, उस पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।
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