10 करोड़ की लागत से बना एस्ट्रोटर्फ खराब हो चुका है। हालात यह हो चुके है कि सफाई नहीं होने के कारण इस पर लगी कृत्रिम घास भी उखड़ने लगी है। इतना ही नहीं, यहां लगे कई स्प्रिंगल फव्वारे भी बंद है। ऐसे में एस्ट्रोटर्फ पर पूरा पानी का छिड़काव नहीं हो पा रहा है। ऐसे में अभ्यास के दौरान खिलाड़ी चोटिल हो सकते हैं।
दरअसल, हॉकी खिलाड़ियों को सुविधा देने के लिए यहां तीन साल पहले एस्ट्रोटर्फ बनाया गया था, लेकिन देखरेख के अभाव में एस्ट्रोटर्फ खराब हो रहा है। एस्ट्रोटर्फ में लगा एक बड़ा और एक छोटा स्प्रिंगल फव्वारा काफी समय से खराब है। जबकि रोजाना यहां सुबह-शाम सैकड़ों खिलाड़ी अभ्यास करने के लिए आते है, लेकिन एस्ट्रोटर्फ की कोई देखरेख नहीं हो रहीं है।
45 नेशनल और 8 इंटरनेशनल खिलाड़ी करते हैं अभ्यास
एस्ट्रोटर्फ पर रोजाना सुबह-शाम 100 से ज्यादा खिलाड़ी देश के लिए मेडल लाने के लिए पसीना बहा रहे हैं। इनमें 45 नेशनल और 8 इंटरनेशनल खिलाड़ी शामिल हैं। इस बारे में कई बार खेल विभाग के अधिकारियों को भी अवगत कराया गया था, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई है।
मोटर लीकेज से बह रहा पानी
वहीं एस्ट्रोटर्फ पर लगी पानी की मोटर भी लीकेज हो चुकी है। इस कारण ऐसे में पानी व्यर्थ बह रहा है। इसके अलावा अंडर ग्राउंड डाली गई पाइप लाइन भी जगह-जगह से लीकेज है। इस कारण पानी का पूरा प्रेशर नहीं बन पाता। एस्ट्रोटर्फ की घास उखड़ने के कारण रोजाना खिलाड़ी चोटिल होते-होते बच रहे है।
यह मामला मेरे संज्ञान में है। कोच की ओर से एस्ट्रोटर्फ पर लगे स्प्रिंगल फव्वारे खराब होने बारे में पत्र मिला है। संबंधित कंपनी से संपर्क किया जा चुका है। जल्द ही एस्ट्रोटर्फ की समस्या का समाधान कराया जाएगा।
सतविंद्र गिल, जिला खेल अधिकारी।
मेंटेनेंस नहीं होने के कारण एस्ट्रोटर्फ खराब हो रहा है। तीन साल से एस्ट्रोटर्फ की कोई सफाई नहीं हुई है। इस कारण कृत्रिम घास उखड़ रहीं है। इसके अलावा यहां लगे कई स्प्रिंगल फव्वारे भी काफी समय से खराब है। कभी भी खिलाड़ी अभ्यास के समय चोटिल हो सकते हैं।
आजाद मलिक, सीनियर हॉकी कोच।