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कैपरी पहनकर युवक एसपी से मिलने पहुंचा, स्टाफ ने रोका तो एसपी ने लगाई जमकर क्लास

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मारपीट व जातिसूचक गालियां देने के मामले में पीड़ित एसपी हांसी कार्यालय में बुधवार को शिकायत लेकर पहुंचा था। शिकायत ब्रांच के कर्मचारियों ने फरियादी के पहनावे पर सवाल उठाते हुए एसपी से मिलवाने से इनकार कर दिया। कुछ देर बाद कर्मचारियों की करतूत सामने आ गई और एसपी ने तुरंत शिकायतकर्ता को पेश करने के निर्देश दिए। साथ ही स्टाफ को जमकर फटकारा।
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जिसके बाद पुलिसकर्मी शिकायतकर्ता को लेकर एसपी के समक्ष पहुंचे और पीड़ित का मेडिकल करवाया गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि मामला संज्ञान में आने के बाद शिकायत ब्रांच के कर्मचारियों को एसपी ने कार्यालय में तलब किया और असंवेदनशील रवैये पर जमकर फटकार लगाई। एसपी ने भविष्य के लिए सख्त चेतावनी दी है।
यह था मामला
गांव सिंघवा खास के रहने वाले अनुसूचित जाति समुदाय के पवन के साथ गांव के ही कुछ लोगों पर जातिसूचक गालियां देते हुए मारपीट करने का आरोप लगाया है। इसके बाद सवर्ण समुदाय से ताल्लुक रखने वाले लोग उसे पुलिस स्टेशन ले गए। जिसके बाद गांव के अनुसूचित जाति वर्ग के ग्रामीण थाना बास से उसे छुड़ाकर लाए। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि मेडिकल कराने के लिए वह सिविल अस्पताल हांसी आया तो डॉक्टरों ने उसका मेडिकल करने से इनकार कर दिया।
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इसके बाद पवन आरोपियों को गिरफ्तार कराने तथा खुद का मेडिकल कराने के लिए एसपी हांसी के पास गुहार लेकर पहुंचा तो शिकायत ब्रांच में तैनात इंचार्ज ने उसके पहनावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस पहनावे में एसपी से नहीं मिलने दिया जा सकता। इस दौरान बेहद ही अंसवेदनशील व गलत व्यवहार पुलिस कर्मचारियों ने किया। दरअसल, युवक ने कैपरी पहनी हुई थी। इसके बाद वह बैरंग लौट गया, लेकिन कुछ देर बाद ही मामला एसपी की जानकारी में पहुंचा और संबंधित अधिकारियों को जमकर फटकारा।
मामला संज्ञान में आते ही एसपी ने लिया एक्शन
एसपी निकिता गहलोत ने कहा कि जिला पुलिस पूरी गंभीरता से शिकायतों पर कार्रवाई करती है। मामला संज्ञान में आने के बाद संबंधित पुलिसकर्मियों को भविष्य के लिए चेतावनी दी गई है। शिकायतकर्ता का पुलिस ने मेडिकल कराया है और नियमानुसार मामले में कार्रवाई की जाएगी। जिला पुलिस के तमाम पुलिस कर्मचारियों को जनता के साथ बेहतर व्यवहार करने के सख्त निर्देश हैं।
एसपी की कार्रवाई संवेदनशील
अनुसूचित ह्यूमन राइट्स के संयोजक रजत कलसन ने कहा कि स्टाफ का व्यवहार पहले भी कई दफा शिकायतकर्ताओं के प्रति असंवेदनशील रहा है। अगर पुलिस अधीक्षक ने मामले में तुरंत संज्ञान लिया है तो यह अच्छी बात है।
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