हिसार। भाजपा नेता सोनाली फोगाट हत्याकांड प्रकरण में आरोपी सुखविंदर की जमानत याचिका वीरवार को गोवा की अदालत ने खारिज कर दी। आरोपी सुखविंदर के अधिवक्ता सुखवंत सिंह ने जमानत याचिका खारिज होने की पुष्टि की है। हालांकि अधिवक्ता का कहना था कि सुखविंदर पर हत्या का केस नहीं बनता क्योंकि अस्पताल में सोनाली जिंदा थी।
मामले की जांच के बाद सीबीआई ने पैरवी की और सुधीर सांगवान व सुखविंदर सिंह के खिलाफ चालान पेश किए, जिसमें 104 गवाह बनाए हैं। सीबीआई ने 500 से भी ज्यादा पेज की चार्जशीट अदालत में पेश की है। चार्जशीट पेश करने के बाद सुखविंदर ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से जमानत याचिका दायर की जिस पर गत शुक्रवार को सुनवाई हुई। इसके बाद अदालत ने वीरवार को इस पर फैसला सुनाया और याचिका खारिज कर दी।
सुखविंदर के अधिवक्ता ने अदालत में कहा कि सुखविंदर के खिलाफ यह केस नहीं बनता और चार्जशीट में लगाई गई हत्या की धारा का केस तो बिल्कुल ही नहीं बनता क्योंकि सुखविंदर और सुधीर सांगवान सोनाली फोगाट को अस्पताल में लेकर गए थे और अस्पताल में वह जिंदा थी। चिकित्सक ने उनको इंजेक्शन भी लगाया था। इसके अलावा सुखविंदर ने जांच एजेंसी के साथ पूरा सहयोग किया और मामले की सुनवाई काफी लंबी चलनी है, इसलिए आरोपी जमानत का हकदार है।
गौरतलब है कि सोनाली फोगाट की 22 अगस्त, 2022 की रात को गोवा में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इससे पूर्व सोनाली फोगाट के पति संजय फोगाट की भी करीब साढ़े पांच साल पहले संदिग्ध परिस्थतियों में मौत हो गई थी। सोनाली के परिवार का आरोप है कि सुधीर सांगवान, सोनाली की प्रॉपर्टी हड़पना चाहता था इसलिए उसने सुखविंदर के साथ मिलकर ड्रग्स देकर सोनाली की हत्या की।