हिसार। केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) की टीजीटी भर्ती का पेपर लीक मामले के आरोपियों के तार सिवानी के कोचिंग सेंटर से जुड़े हैं। गिरोह का मास्टर माइंड कपिल पहले भी पेपर लीक मामले में जेल जा चुका है। वहीं, हरिकेश मैथ और आनंद जीके का विशेषज्ञ है। कपिल ने इन दोनों को पेपर साॅल्व करवाने के लिए बुलाया था।
सिवानी निवासी जीके विशेषज्ञ आरोपी आनंद सिवानी के वार्ड एक स्थित आर्य नगर कॉलोनी में कोटिल्य कोचिंग एकडेमी चलाता था। चूली कला निवासी प्रदीप और उमरा निवासी हरिकेश सिवानी की एकेडमी में कोचिंग लेते थे। आरोपी प्रदीप, हरिकेश और आनंद पर पहले कोई आपराधिक केस दर्ज नहीं है। वीरवार को क्षेत्र के अधिकतर कोचिंग सेंटर पर ताले लटके नजर आए।
मास्टरमाइंड कपित रेलवे में हैं ग्रुप डी कर्मचारी
जानकारी के अनुसार पानीपत के समालखा में पकड़े गए पांच पेपर सॉल्वर का मास्टर माइंड खांडा खेड़ी निवासी कपिल है। कपिल ने ही तीन युवकों को पेपर सॉल्व करने के लिए बुलाया था। कपिल पर हिसार के एचटीएम थाना में भी एक पेपर सॉल्व का केस पहले भी चल रहा है। जिसमें वह जेल में भी रह चुका है। मास्टरमाइंड कपिल बीएससी पास है। उसने हांसी के उमरा निवासी हरिकेश, सिवानी निवासी आनंद बीए पास हैं। हरिकेश और आनंद दोनों सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं। कपिल रेलवे विभाग में ग्रुप डी में तैनात है। पैसों के लेनदेन की सेटिंग भी कपिल ही करता था। वह अगस्त 2020 में पीटीआई की परीक्षा में हुई धांधली में भी पकड़ा गया था। मार्च 2021 तक जेल में रहने के बाद जमानत पर बाहर आया था।
आनंद बीएड का है छात्र
आनंद की मां बिमला देवी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं। आनंद की उम्र जब एक साल थी तब उसके पिता का देहांत हो गया था। आनंद की दो बहने हैं। एक बहन की शादी हो चुकी है। दूसरी बहन घर पर ही कोचिंग के माध्यम से अपनी पढ़ाई कर रही है। आनंद दो साल से सरकारी नौकरी के लिए कोचिंग दे रहा था। इससे पहले आनंद का कोई भी आपराधिक रिकॉर्ड नहीं रहा। आनंद खुद भी बीएड कर रहा था।
बीएसएफ की तैयारी कर रहा था प्रदीप
12वीं कक्षा पास चूली कलां निवासी प्रदीप के पिता ने उसे उसे सिवानी की बीसीएम एकेडमी में कोचिंग के लिए भेजा था। मार्च 2023 में लिखित परीक्षा थी। चूली कलां निवासी प्रदीप के पिता गांव में आटा चक्की चलाते हैं। ग्रामीणों के अनुसार चूली कलां निवासी प्रदीप सिवानी के कोचिंग सेंटर में कोचिंग लेता है, उसे सेंटर के मालिक ने दूसरे का पेपर देने के लिए दवाब बनाया, जिसके चलते वह पानीपत गया। कोचिंग सेंटर संचालक ने उसका मोबाइल फोन भी अपने पास रख लिया। आदमपुर थाने में प्रदीप का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।
कोटिल्य एकडेमी में कोचिंग देता था हरिकेश
पेपर सॉल्वर मामले में आरोपी गांव उमरा निवासी 24 वर्षीय हरिकेश पिछले करीब 4 साल से सिवानी में रहता है। वह कौटिल्य एकेडमी में बच्चों को कोचिंग देता है। हरिकेश के माता-पिता गांव में ही रहते हैं। हांसी जिला पुलिस के रिकॉर्ड में हरिकेश के खिलाफ पहले कोई मामला दर्ज नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि वह अधिकतर समय सिवानी में ही रहता था। हरिकेश के पिता रामफल मजदूरी का कार्य करते हैं।