सुरेंद्र दलाल
हिसार। प्रदेश के छह हजार जोहड़ों का पुनरोद्धार किया जाएगा। इन जोहड़ों में स्वच्छ जल होगा, ताकि पशुओं को गंदा पानी नहीं पीना पड़े। गांव के गंदे पानी को अलग जोहड़ में इकट्ठा किया जाएगा और इसे फाइव पोंड योजना के जरिए साफ कर खेतीबाड़ी में इस्तेमाल किया जाएगा। पंचायत राज विभाग ने इसके लिए प्रदेशभर के जोहड़ों का ब्योरा मांगा है। पुनरोद्धार के तहत जोहड़ों की चहारदीवारी कराई जाएगी ताकि गंदा पानी नहीं जा सके। जोहड़ों में नहरों या ट्यूबवेल से पानी भरने की व्यवस्था की जाएगी।
प्रदेशभर के गांवों में जोहड़ बने हैं, लेकिन इनकी हालत लगातार बदतर होती जा रही है। अधिकतर जोहड़ों में गंदा पानी पहुंच रहा है। यह पानी पीने से पशु बीमार हो रहे हैं और दूध के जरिए कई तरह की बीमारियां लोगों में आ रही हैं।
प्रदेश सरकार ने इस समस्या की गंभीरता को देखते हुए जोहड़ों की सफाई, चहारदीवारी बनाने के लिए प्रस्ताव तैयार कराने के निर्देश दिए हैं। पहले चरण में करीब 18 हजार हजार जोहड़ों में से छह हजार जोहड़ों को पुनरोद्धार के लिए चुना है। पंचायत विकास विभाग के आंकड़ों के अनुसार 16730 जोहड़ विभाग के रिकॉर्ड में है। इनमें सबसे अधिक जोहड़ सोनीपत में 1140 हैं और सबसे कम पंचकूला में 164 हैं।
धार्मिक मान्यता से जुड़े 526 जोहड़
प्रदेश में धार्मिक मान्यता से जुड़े 526 जोहड़ हैं। झज्जर जिले में सबसे अधिक 100, जींद में 41, हिसार में 29, करनाल में 34, कुरुक्षेत्र में 32, पानीपत में 64, रोहतक में 28 और सिरसा में 81 जोहड़ों के साथ धार्मिक मान्यता जुड़ी है। इन जोहड़ों को पहले चरण में शामिल किया जाएगा।
केवल 3989 जोहड़ों में ही नहरी पानी पहुंचाने की व्यवस्था
प्रदेश 18 हजार जोहड़ों में से केवल 3989 जोहड़ों को ही नहरी पानी से भरने का विकल्प है। इनमें हिसार में 579, जींद में 584, सिरसा में 429, सोनीपत में 410, महेंद्रगढ़ में 362, झज्जर में 367 और रेवाड़ी में 320 जोहड़ हैं। अंबाला, कुरुक्षेत्र, पंचकूला में केवल एक-एक जोहड़ को नहरी पानी से भरने की व्यवस्था है। यमुनानगर में एक भी जोहड़ में नहरी पानी भरने की व्यवस्था नहीं है।
सातरोड व गंगवा के जोहड़ों को देंगे झील का रूप
नगर निगम के दायरे में आने वाले जोहड़ों को झील की तरह विकसित किया जाएगा। जोहड़ के चारों ओर दीवार के साथ फुटपाथ बनाया जाएगा। रंग बिरंगी लाइटिंग की व्यवस्था होगी। बैठने के लिए बैंच भी रखे जाएंगे। नगर निगम के दायरे में आने वाले गांव सातरोड व गंगवा के जोहड़ों को अमृत सरोवर योजना के लिए चुना गया है। इन पर जल्द ही काम शुरू होगा।
प्रदेश के छह हजार जोहड़ों के पुनरोद्धार के लिए प्रस्ताव तैयार किया है। इन जोहड़ों की चहादीवारी कराई जाएगी। इनमें गंदा पानी जाने से रोका जाएगा। सभी जिलों से जोहड़ों का ब्योरा मांगा है। जल्द ही इसके लिए बजट जारी कराया जाएगा। - कृष्णलाल पंवार, पंचायत राज मंत्री, हरियाणा।