हिसार। मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित हो चुका पर्वतारोही व मिंगनीखेड़ा निवासी नरेंद्र को छत्तीसगढ़ पुलिस ने इंजीनियरिंग स्नातक योग्यता परीक्षा (गेट) में नकल करवाते गिरफ्तार किया है। इस प्रकरण में तीन परीक्षार्थियों सहित छह आरोपी पकड़े गए हैं। पुलिस की गिरफ्त में आए लोगों में हिसार से एक, फतेहाबाद जिले के भूना निवासी तीन और रोहतक जिले के दो आरोपी शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से ब्लू टूथ, मोबाइल आदि सामान जब्त किया है।
14 फरवरी को इंजीनियरिंग स्नातक योग्यता परीक्षा (गेट) थी। छत्तीसगढ़ के रायपुर में सरोना स्थित एक निजी कॉलेज में परीक्षा केंद्र बनाया गया था। इसी केंद्र पर नकल करवाने के मामले में हरियाणा के हिसार के नरेंद्र के अलावा फतेहाबाद जिले के भूना निवासी लक्ष्मीनारायण उर्फ लक्की, फतेहाबाद निवासी बंटी और अमर (इसका परिवार वर्तमान में सिरसा में रहा है) झज्जर जिले के छुड़ानी निवासी सुमित सहवाग और दर्शन सहवाग भी पुलिस ने गिरफ्त में लिया। फतेहाबाद जिले के भूना निवासी लक्ष्मीनारायण उर्फ लक्की, अमर और झज्जर जिले के छुड़ानी निवासी सुमित सहवाग परीक्षार्थी थे। परीक्षा से पहले इन तीनों ने नकल के लिए हरियाणा के किसी मास्टरमाइंड से संपर्क किया था। उक्त मास्टर माइंड ही हरियाणा के दर्शन सहवाग, नरेंद्र कुमार व बंटी कुमार को नकल करवाने के लिए रायपुर भेजा था।
यूं करवाई जा रही थी नकल
आरोपी परीक्षा केंद्र से कुछ दूरी पर बैठकर नकल करवा रहे थे। पहले परीक्षा केंद्र से अंदर से सवाल बाहर आते। इसके बाद बाहर आकर बैठे आरोपी इन सवालों का जवाब ढूंढकर ब्लू टूथ के जरिये अंदर बैठे परीक्षार्थियों तक पहुंचा रहे थे। मगर, परीक्षा केंद्र पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कर्मचारियों को इनकी गतिविधियां संदिग्ध लगी तो तुरंत पुलिस को सूचित किया गया। इसके बाद पुलिस ने नकल करवाने वाले और नकल करते सभी 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
नरेंद्र के नाम ये हैं उपलब्धियां
पर्वतारोही नरेंद्र कुमार ने माउंट एवरेस्ट बेस कैंप, माउंट मनास्लु, और माउंट अन्नपूर्णा जैसी विश्व की खतरनाक चोटियों पर तिरंगा फहरा चुका है। वर्ष 2019 से करिअर की शुरुआत करने वाले नरेंद्र ने -40 डिग्री तापमान में 151 फीट का ध्वज फहराने और 8000 मीटर से ऊपर की चोटियां फतह करने जैसे कीर्तिमान स्थापित किए हैं। उन्हें 2025 में ''''फिट इंडिया मिशन'''' का ब्रांड एंबेसडर भी नियुक्त किया गया था। अप्रैल 2025 में प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नरेंद्र को सम्मानित भी किया था।
पिता एक्साइज एंड टैक्सेशन विभाग से सेवानिवृत्त
नरेंद्र के पिता सुभाष चंद्र एक्साइज एंड टैक्सेशन विभाग से ईटीओ पद से सेवानिवृत्त हैं। वे अपने परिवार के साथ गांव में ही रहते हैं। उनका बड़ा बेटा एचएसवीपी में जेई के पद पर कार्यरत है, जबकि बड़े बेटे की पत्नी हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में वैज्ञानिक है। उनका दूसरा बेटा भी राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षक संस्थान में प्रशिक्षक के पद पर कार्यरत हैं। पत्नी सरकारी बीएमएस डॉक्टर है। सबसे छोटा बेटा नरेंद्र कुमार पर्वतारोही है, जो विश्व की कई ऊंची चोटी को फतह कर वहां पर तिरंगा लहरा चुका है।