हांसी (हिसार)। गैंगस्टर प्रदीप उर्फ काला बडाला की हत्या के मामले में एसआईटी सिकंदर उर्फ फौजी से पूछताछ करेगी। प्रदीप उर्फ काला की हत्या के मामले में एडीजीपी द्वारा जांच के लिए एसआईटी गठित की हुई है। काला की हत्या से जुड़े राज अब एसआईटी खंगालेगी।
इस मामले में जींद पुलिस के डीएसपी हेडक्वार्टर के नेतृत्व में एसआईटी गठित है। परिजनों की मांग पर एडीजीपी द्वारा एसआईटी गठित की गई थी। आगामी दिनों ने एसआईटी उसे प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पूछताछ करेगी। इधर, इस मामले में एसपी कार्यालय में डीएसपी धीरज कुमार द्वारा पत्रकारवार्ता के दौरान बताया कि सिकंदर उर्फ फौजी ने पुलिस को बताया है कि वह काला की हत्या के बाद मथुरा- वृंदावन में छिपा रहा था। उसके वृंदावन के फ्लैट से सीआईए टू ने एक पिस्टल व चार कारतूस बरामद किए हैं। सिकंदर पर चार मुकदमे और दर्ज हैं। दो बास, एक सदर व एक बवानीखेड़ा पुलिस थाना में दर्ज है। गौरतलब है कि फौजी ने हिसार निवासी संजू यादव की रेकी व हत्या की साजिश रची थी। इसके लिए चार युवकों को भेजा था। डीएसपी ने बताया कि चारों युवकों को फौजी ने ही असलहा मुहैया करवाया था।
बता दें कि गैंगस्टर प्रदीप उर्फ काला बडाला की हत्या करने के मुख्य आरोपी सिकंदर फौजी को बीते सप्ताह हांसी की सीआईए टू ने गिरफ्तार किया था। वह अपनी मां से मिलने के लिए सेक्टर 5 में आया हुआ था। उसे कोर्ट में पेश करके तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया था। रिमांड के बाद उसे कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
सात साल की आर्मी में नौकरी
डीएसपी धीरज कुमार ने बताया कि फौजी ने आर्मी में सात वर्ष नौकरी की थी। पेट की बीमारी हो गई थी। उसने आर्मी अस्पताल में उपचार करवाया। अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद यह कभी वापिस नौकरी पर नहीं लौटा।