ऐतिहासिक नगरी राखीगढ़ी को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए 32 करोड़ रुपये की लागत से एक आधुनिक म्यूजियम तैयार किया जा रहा है। म्यूजियम में 5 हजार पुरानी हड़प्पा की कलाकृतियों को सहेज कर रखा जाएगा। दिल्ली में आयोजित जी20 समिट में भी हरियाणवी संस्कृति की झलक देखने को मिली।
भारत मंडपम में सजी हरियाणा की पवेलियन ने विदेशी मेहमानों को अपने ओर आकर्षित किया। हिसार के राखीगढ़ी में खुदाई के दौरान जितने भी मिट्टी के बर्तन (टेराकोटा) मिले हैं, उनमें से कुछ बर्तनों को हरियाणा पवेलियन में सजाया गया था। इसके बावजूद गांव में बन रहे म्यूजियम का काम कछुआ चाल कर रहा है। जी 20 में गांव की चमक को विदेशी मेहमानों ने देखा पर धरातल पर अभी सन्नाटा पसरा है।
गौरतलब है कि 10 सितंबर 2022 को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने राखीगढ़ी का दौरा कर अधिकारियों को काम में तेजी लाने के आदेश दिए थे। उस समय अधिकारियों ने पीएमसी नियुक्त करने के लिए 15 जुलाई तक टेंडर होने और 15 अगस्त तक अंतिम रूप दे देने की बात कही गई थी।
दिसंबर माह तक संग्रहालय की शुरुआत होने का अनुमान था और मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों को तेज गति से कार्य करने के निर्देश दिए थे। अभी तक राखीगढ़ी में बन रहे म्यूजियम के साथ बन रहे रेस्ट हाउस, हॉस्टल व कैफेट एरिया का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। फिलहाल पीडब्ल्यूडी विभाग की तरफ से म्यूजियम में जो बाकी कार्य चल रहा है विभाग की तरफ से उसको नवंबर माह तक पूरा कर दिया जाएगा।
जल्द खुलेगा पर्यटकों के लिए म्यूजियम
म्यूजियम के अंदर का जो कार्य किया जाना है वह पर्यटन विभाग द्वारा किया जाएगा, लेकिन पर्यटन विभाग के जिम्मे जो कार्य है, वह अभी तक पूरे होने तो दूर की बात उनकी शुरुआत भी नहीं हुई है। पर्यटन विभाग की तरफ से मिली जानकारी के अनुसार एएसआई द्वारा सभी जरूरी कागजात मुहैया न करवाने की वजह से म्यूजियम के टेंडर का कार्य अटका हुआ था। वहीं, अब पर्यटन विभाग की तरफ से दावा किया जा रहा है कि जैसे ही टेंडर होगा, उसके 6 महीने बाद इसके कार्य को पूरा कर दिया जाएगा और पर्यटकों के लिए म्यूजियम को खोल दिया जाएगा।
राखीगढ़ी के म्यूजियम में होगी कई खूबियां
इस म्यूजियम में फोटोग्राफ्स लैब तैयार की जाएगी। जिनमें चित्रों के माध्यम से आगंतुक राखीगढ़ी के इतिहास को जान सकेंगे। म्यूजियम में किड्स जोन भी बनाया गया है, ताकि बच्चे भी खेल-खेल में अपने इतिहास से अवगत हो सके। ओपन एयर थिएटर, गैलरी, पुस्तकालय का निर्माण भी करवाया गया है। जिससे आगंतुक, विशेष तौर पर युवा पीढ़ी को इतिहास की जानकारी मिलेगी। बता दें केंद्र सरकार की ओर से देश में पर्यटन स्थलों व पांच ऐतिहासिक स्थल बनाने के लिए 2500 करोड़ रुपये की घोषणा की थी। उनमें राखीगढ़ी भी शामिल है।
रेस्ट हाउस, हॉस्टल व कैफेटेरिया का कार्य लगभग पूरा हो चुका है, जबकि एएसआई द्वारा सभी डॉक्यूमेंट उपलब्ध न करवाने की वजह से राखीगढ़ी के म्यूजियम का कार्य अधर में लटका हुआ था। एसएसआई ने अब सभी जरूरी कागजात दे दिए है। अब विभाग ने अभी टेंडर कॉल किया हुआ है। जैसे ही टेंडर ओपन होगा तो उसके 6 महीने बाद म्यूजियम को तैयार करके आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
- डॉ. बनानी भट्टाचार्य, डिप्टी डायरेक्टर, आर्कियोलॉजी व म्यूजियम विभाग चंडीगढ़
कैफेटेरिया, होस्टल व रेस्ट हाउस का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। म्यूजियम के मुख्य द्वार पर सीआरसी टाइल लगाई जा रही हैं। सड़क और पार्किंग का कार्य नवंबर माह तक पूरा कर लिया जाएगा।
- नितिन जेई, पीडब्ल्यूडी विभाग