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Hisar News: सीसवाल सीएचसी बना रेफरल केंद्र, नहीं है कोई चिकित्सक

Mon, 01 Jun 2026 11:11 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
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हिसार। गांव सीसवाल का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) चिकित्सकों की कमी के चलते महज रेफरल केंद्र बनकर रह गया है। इस वजह से न सिर्फ सीसवाल बल्कि आसपास के दर्जनों गांवों के लोग बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं।
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ग्रामीणों के अनुसार स्वास्थ्य केंद्र में एसएमओ (सीनियर मेडिकल ऑफिसर) और एमओ (मेडिकल ऑफिसर) के पद तो स्वीकृत हैं लेकिन लंबे समय से दोनों ही पद खाली पड़े हैं। वर्तमान में केंद्र सिर्फ एक नर्स, एक कंपाउंडर और एक लैब टेक्नीशियन के भरोसे चल रहा है। यहां कभी-कभार केवल एक दंत चिकित्सक आते हैं जबकि पिछले तीन महीनों से नेत्र चिकित्सक नहीं पहुंचे हैं।
अस्पताल परिसर में चिकित्सकों के लिए आवास की सुविधा भी नहीं है। आलम यह है कि छोटी-मोटी बीमारियों के लिए कंपाउंडर ही दवा दे देता है और गंभीर मरीजों को तुरंत दूसरे बड़े अस्पतालों के लिए रेफर कर दिया जाता है। इस केंद्र में फिलहाल केवल डिलीवरी (प्रसव) की सुविधा मिल पा रही है।
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सफाई कर्मचारियों की कमी से व्यवस्था बेपटरी
स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ गांव की सफाई व्यवस्था भी पूरी तरह चरमरा गई है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की बड़ी आबादी और क्षेत्रफल के लिहाज से यहां सिर्फ चार सफाई कर्मचारी तैनात हैं, जो बेहद कम हैं। कर्मचारियों की भारी कमी के कारण गलियों में कई-कई दिनों तक झाड़ू नहीं लग पाती जिससे हर तरफ गंदगी का आलम है। ग्रामीणों ने प्रशासन से अस्पताल में डॉक्टरों की नियुक्ति और गांव में सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की मांग की है।

गांव की ज्यादातर गलियां बदहाल
गांव में महाग्राम योजना के तहत विकास काम चल रहा है। पेयजल व सीवर लाइन बिछाने के लिए गांव की ज्यादातर गलियां उखाड़ी जा चुकी हैं। पाइपलाइन बिछाने के बाद गलियाें को समतल नहीं किया गया है। इससे ग्रामीणों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। महाग्राम योजना का काम धीमी गति से चल रहा है।
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गांव में सीएचसी सिर्फ नाममात्र की है। यहां इलाज की कोई सुविधा नहीं है। सिर्फ हल्की-फुल्की बीमारियों की दवा ही दी जाती है। गंभीर बीमारी के मरीजों को रेफर कर दिया जाता है।
- विनोद, समाजसेवी

पंचायत की तरफ से कई बार स्वास्थ्य विभाग को इस बारे में लिखित में दिया जा चुका है कि सीएचसी में स्टाफ की नियुक्ति की जाए ताकि ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
- संदीप, दुकानदार

गांव की आबादी के लिहाज से सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए ताकि गांव की सफाई सही ढंग से हो सके।
- सुनील सोनी, दुकानदार

सफाई कर्मचारी कम होने के कारण गलियों की सफाई का नंबर कई दिन में आता है। ऐसे में गलियों में कचरा पड़ा रहता है। सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जाए। - रामभगत, समाजसेवी।
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