गांव शेखपुरा में तिहरे हत्याकांड के बाद अभी भी दोनों गुटों में मौत का सिलसिला जारी है। डीएसपी भगवानदास द्वारा सुसाइड किए जाने के बाद अब दूसरे गुट के मृतक रामकुमार कसाना के भाई करीब 50 वर्षीय धर्मपाल की भी मौत हो गई है। भगवानदास सुसाइड मामले में रविवार को दिन में आरोपियों को गिरफ्तार करने आई पंचकुला पुलिस नाकामयाब रही। वहीं शाम को मृतक रामकुमार कसाना के भाई करीब धर्मपाल की भी मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि पंचकुला पुलिस द्वारा उनके साथ धक्का-मुक्की व मारपीट किए जाने के चलते उनकी मौत हुई है।
गांव शेखपुरा में तिहरे हत्याकांड के बाद डीएसपी भगवानदास द्वारा सुसाइड किए जाने के मामले में नामजद आरोपियों को पकड़ने के लिए रविवार को पंचकुला पुलिस गांव में पहुंची, लेकिन किसी तरह आरोपी मौके से चकमा देकर भाग निकले। इस घटना में नामजद गांव निवासी बलबीर कपड़े बदलने का बहाना बनाकर आवास की छत पर जाकर सीढ़ी से कूद कर भाग गया। वहीं मृतक रामकुमार कसाना के दोनों पुत्रों को तो पुलिस ने गिरफ्तार कर गाड़ी में भी बैठा लिया था, लेकिन महिलाओं द्वारा एकत्रित होकर विरोध करने पर वह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए। फिलहाल पंचकुला पुलिस ने नोटिस के जरिए आरोपियों व उनके परिजनों को चेतावनी दी है कि अगली बारी पुलिस गिरफ्तारी वारंट लेकर पहुंचेगी। इस दौरान अगर किसी ने पुलिस का विरोध किया तो उस पर भी कार्रवाई होगी।
40 पुलिस कर्मी पहुंचे
डीएसपी भगवानदास द्वारा सुसाइड किए जाने के मामले में पंचकुला पुलिस की तीन गाड़ियों सहित स्थानीय सदर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। इस दौरान कुल टीमों के करीब 40 पुलिस कर्मी उपस्थित थे। रेड के दौरान तीन टीमें गांव में अलग-अलग आवास पर पहुंची। पुलिस के अनुसार एक टीम बलबीर, एक संदीप व एक टीम मृतक रामकुमार कसाना के दोनों पुत्रों को गिरफ्तार करने के लिए उनके आवास पर पहुंची, जोकि डीएसपी भगवानदास द्वारा सुसाइड किए जाने के मामले में नामजद हैं। इस दौरान संदीप अपने आवास पर नहीं मिला। वहीं बलबीर के घर पहुंची पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए साथ चलने को कहा। इस दौरान बलबीर लुंगी लपेटे हुए था तो उसने कहा कि वह कपड़े बदल कर आता है। इतने में बलबीर आवास की छत पर चढ़ कर सीढ़ी के रास्ते से भाग गया।
गाड़ी के आगे खड़ी हो गईं महिलाएं
मृतक रामकुमार कसाना के आवास पर पहुुंची पुलिस टीम ने तो रामकुमार के दोनों पुत्र संजय व देव उर्फ गोलिया को गिरफ्तार भी कर लिया था। पुलिस ने दोनों को गाड़ी में भी बैठा लिया था। इसी बीच महिलाओं ने गाड़ी के आगे एकत्रित होकर विरोध किया व उन्हें पुलिस के साथ नहीं जाने दिया। इसी बीच उक्त दोनों भी मौके से फरार हो गए।
नोटिस देकर पुलिस बोली, फिर मारेंगे रेड
फिलहाल पंचकुला पुलिस ने नोटिस दे दिया है कि वह जल्द ही दोबारा रेड करेंगे। वहीं महिलाओं ने भी पुलिस पर उनके साथ मारपीट किए जाने का आरोप लगाया है। इस मौके पर पंचकुला पुलिस से एसीपी दलीप सिंह, एसएचओ हरभजन सिंह, हांसी सदर थाना प्रभारी उदयभान व स्थानीय पुलिस मौके पर मौजूद थी।
यह था मामला
गांव शेखपुरा में फाग के दिन रामकुमार कसाना, प्रदीप फौजी व मुकेश की कुछ लोगों ने हत्या कर दी थी। इस मामले में डीएसपी भगवानदास भी नामजद थे। इसके बाद अगले ही दिन डीएसपी भगवानदास का हिसार हेडक्वार्टर से पंचकुला में ट्रांसफर कर दिया गया। डीएसपी ने पंचकुला के हेडक्वार्टर में स्वयं को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। डीएसपी के सुसाईड केस में बलबीर व मृतक रामकुमार कसाना के दोनों पुत्रों सहित कई अन्य नामजद है। पंचकुला पुलिस इस मामले में आरोपियों को गिरफ्तार करने आई थी, लेकिन नाकाम रही।
पुलिस की ढीली कार्रवाई के चलते हुए फरार
डीएसपी भगवानदास के भाई अनिल ने आरोप लगाते हुए कहा कि उक्त आरोपी पुलिस की ढीली कार्रवाई के चलते फरार हो गए। उन्होंने कहा कि बलबीर व अन्य आरोपी आपराधिक प्रवृत्ति के लोग हैं व उन पर कई मामले दर्ज हैं।
परिजनों का आरोप पुलिस ने की मारपीट, पुलिस बोले नेचुरल मौत
मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि पंचकुला पुलिस ने चाचा धर्मपाल के साथ मारपीट की। इसके चलते उनकी मौत हो गई। धर्मपाल पैरालाइसिस का मरीज था। परिजनों ने पंचकुला पुलिस पर कार्रवाई की मांग की है। रात को परिजन सिविल अस्पताल में एकत्रित हो गए। पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज किए हैं। वहीं इस संबंध में सदर थाना प्रभारी उदय भान ने बताया कि यह एक नेचुरल मौत है। मृतक पैरालाइसिस का मरीज था। शव का पोस्टमार्टम सोमवार सुबह करवाया जाएगा।