ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ टेक्निकल एजुकेशन द्वारा आयोजित जी-पैट की परीक्षा में जीजेयू के सात विद्यार्थियों ने ऑल इंडिया रैंक हासिल कर परीक्षा में क्वालीफाई किया है। दो वर्षों के बाद विश्वविद्यालय का कोई विद्यार्थी इस परीक्षा को क्वालीफाई कर पाया है। विश्वविद्यालय के बीफार्मा फाइनल ईयर के छात्र जयदेव ने देशभर में 259वीं रैंक हासिल की है। इससे पहले 2014 में कुछ विद्यार्थी सी-पैट की परीक्षा क्वालीफाई कर पाए थे।
आईसीटीई द्वारा हर वर्ष जी-पैट यानी ग्रेजुएट फार्मेसी एप्टीट्यूड टेस्ट आयोजित किया जाता है। इस बार 28 जनवरी को आयोजित की गई परीक्षा में हर बार की तरह लाखों विद्यार्थियों ने यह परीक्षा दी थी। मंगलवार रात को आए रिजल्ट में विश्वविद्यालय के बीफार्मा के छात्र जयदेव ने 259वीं, दीपक ने 620वीं, चैतन्य ने 1020वीं रैंक हासिल की है। इनके अलावा अर्पित, प्रदीप, उमेश, प्रवीन ने भी परीक्षा में क्वालीफाई किया है। विद्यार्थियों ने बताया कि इस परीक्षा के लिए उन्होंने कोई अलग से कोचिंग नहीं ली थी। केवल कक्षा में अध्यापकों द्वारा पढ़ाने के बाद गहन अध्ययन कर उन्होंने यह सफलता हासिल की है। अब ये विद्यार्थी देश के किसी भी विश्वविद्यालय में बिना एंट्रेस एग्जाम दिए एमफार्मा में दाखिला ले सकेंगे। वहीं इन विद्यार्थियों को आईसीटीई द्वारा 12 हजार रुपये प्रति महीना स्कॉलरशिप भी दी जाएगी।
विभाग को होगा फायदा
पिछले दो वर्षों से विश्वविद्यालय का बीफार्मा का कोई विद्यार्थी इस परीक्षा को क्वालीफाई नहीं कर पाया था। जब एमफार्मा में दाखिला होता था तो परीक्षा पास किए हुए बाहर के बच्चे दाखिला ले लेते थे और विश्वविद्यालय से बीफार्मा कर चुके विद्यार्थी वंचित रह जाते थे। इससे दूसरा फायदा ये होगा कि विभाग को श्रेष्ठ विद्यार्थी मिलेंगे।
विद्यार्थियों ने इसकी सूचना दी थी। यह बहुत खुशी की बात है। हमारे बच्चों ने कड़ी मेहनत कर अच्छी रैंक पाई है। विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप मिलेगी और विवि में एमफार्मा में दाखिले के लिए एंट्रेंस भी नहीं देना होगा। इससे विवि को भी फायदा होगा।
- डा. डीसी भट्ट, चेयरपर्सन, फार्मा साइंस विभाग, जीजेयू हिसार