हिसार। सेठ छाजू राम का संपूर्ण जीवन त्याग, शिक्षा और किसान कल्याण के लिए समर्पित रहा। उन्हें अजातशत्रु की संज्ञा देना बिल्कुल सटीक है। यह बात सेठ छाजू राम के पौत्र अरविंद कुमार चौधरी ने जाट एजुकेशन सोसायटी के तत्वावधान में रविवार को छाजूराम मेमोरियल जाट कॉलेज के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में कही।
समारोह में उन्होंने इतिहासकार डॉ.एमएम जुनेजा की पुस्तक सेठ छाजू राम (1861-1943) स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास का अजातशत्रु का विमोचन किया। सोसाइटी के कोषाध्यक्ष सागर सिवाच ने कहा कि सेठ छाजूराम ने अपनी संपत्ति शिक्षा के प्रचार-प्रसार और स्वतंत्रता आंदोलन को मजबूत करने में लगा दी। हिसार में जाट हाई स्कूल की स्थापना और लाहौर में जाट एंग्लो-संस्कृत स्कूल को दिया आर्थिक सहयोग इसका प्रमाण है।
विशिष्ट अतिथि प्रिंसिपल डॉ.सुरेन्द्र कुमार बाजिया ने कहा कि डॉ. जुनेजा ने गहन शोध के आधार पर सेठ छाजू राम के बहुआयामी व्यक्तित्व को उकेरा है। समारोह का मंच संचालन साहित्यकार डॉ.अश्वनी शांडिल्य ने किया।