शहर का रेड स्कवेयर मार्केट सेंसेटिव जोन हो चुका है। यहां कब लूट, चोरी या बड़ी वारदात हो जाएगा, इसका अंदाजा नहीं है।
यह एरिया हर वक्त रेड अलर्ट रहता है। लुटेरे और चोरों के लिए यह सेफ जोन है। अकसर अपराधी किस्म के लोग इस मार्केट में घूमते रहते हैं।
इसका सबसे बड़ा कारण इस मार्केट में सबसे अधिक बैंकों का होना, बीमा कंपनियां, होटल और एटीएम इस एरिया में काफी संख्या में हैं। अपराधी इस क्षेत्र में वारदात को अंजाम देकर पुलिस को भी गच्चा दे रहे हैं।
पुलिस की नाक तले वारदात
रेड स्कवेयर मार्केट के दोनों तरफ पुलिस का पहरा है। पारिजात चौक पर भी ट्रैफिक पुलिस खड़ी रहती है। दूसरी ओर बीकानेर चौक पर भी।
इसके आगे हर चौक पर पुलिस तैनात रहती है। इसके बावजूद भी चोर वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं। केवल एक मामले को छोड़कर पुलिस अभी तक किसी को भी नहीं पकड़ पाई है।
ये हो चुकी हैं वारदात
-14 जुलाई को चाय व्यापारी से आईसीआईसीआई बैंक के सामने 21.60 लाख की लूट हुई।
- 20 अगस्त को रेड स्कवेयर मार्केट में पेट्रोल पंप के कारिंदे से 1.70 लाख रुपये की लूट
- 25 अगस्त को अर्बन इस्टेट निवासी सूरत सिंह की गाड़ी से धोखे से दो लाख रुपये उड़ाए
- डीएन कॉलेज की छात्रा से बिकानेर मिष्ठान भंडार के सामने छेड़छाड़।
- सुभाष मार्केट में चाय व्यापारी से लाखों रुपये की लूट के बाद बदमाश पहुंचे थे रेड स्कवेयर मार्केट में। यहां पुलिस पर की थी फायरिंग
अपराधी ढूंढते हैं आसान रास्ता
अपराधी अकसर अपराध करते समय आसान तरीके और रास्ते अपनाता है। शहर में रेड स्कवेयर मार्केट में आपराधिक गतिविधियों का अधिक होना यहां से रेलवे स्टेशन नजदीक होना है।
अपराध करने वाले वारदात के बाद रेलवे स्टेशन तक जल्दी पहुंच जाते हैं। यहां से रेल में चढ़कर कहीं दूर निकल जाते हैं। दूसरा कारण इस एरिया में रुपयों का लेन-देन सबसे अधिक होता है।
अपराधी ऐसे जगह तलाशता है, जहां पैसों का अधिक लेन-देन हो। तीसरा यहां एक तरफ मुख्य रोड और दूसरी तरफ बस्तियां भी हैं। अपराधी को भागने का मौका मिले तो ठीक है, वरना वे मोहल्लों में भागकर छुप जाते हैं।