हिसार। गांव लितानी स्थित पेट्रोल पंप संचालक से रिश्वत व जबरन वसूली के मामले में आरोपी एसआई नर सिंह को अदालत से एक बार फिर झटका लगा है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश खत्री सौरभ की अदालत ने 17 फरवरी को उसकी दूसरी जमानत अर्जी खारिज कर दी। यह मामला 24 अक्तूबर 2024 को एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) थाने में दर्ज हुआ था।
शिकायतकर्ता अमन ने आरोप लगाया था कि सीआईए स्टाफ-2 के पुलिसकर्मियों ने उसे अवैध रूप से हिरासत में लेकर झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी और 30 लाख रुपये की मांग की। बाद में सौदेबाजी कर रकम 17.50 लाख तय की गई। अमन की शिकायत पर एसीबी ने ट्रैप लगाकर बिचौलिए रिछपाल को 5.80 लाख रुपये लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा था, जिसके बाद पूरा मामला उजागर हुआ। इस प्रकरण में सीआईए-2 हिसार के तत्कालीन प्रभारी कपिल सिहाग, एएसआई संदीप सिहाग, कांस्टेबल अजय, कांस्टेबल संदीप और बिचौलिया रिछपाल को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। उनके खिलाफ चालान पेश हो चुका है और ट्रायल जारी है। अधिवक्ता के अनुसार एसआई नर सिंह ने 14 दिसंबर 2025 को अदालत में आत्मसमर्पण किया था। इससे पहले 23 दिसंबर 2025 को भी उसकी जमानत अर्जी खारिज हो चुकी है।