हिसार रेप प्रकरण में हरियाणा सरकार के लिए मुसीबतें बढ़ती जा रही हैं। मामले के दिल्ली तक गूंजने और राजनीतिक रंग लेने के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस कुछ भी बोलने से बच रहे हैं, लेकिन सरपंच पर लग रहे आरोपों को पुलिस ने जांच के आधार पर नकार दिया है।
पुलिस जांच में अभी तक सरपंच के ऊपर लगाए जा रहे आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है। हरियाणा पुलिस के एडीजीपी (ला एंड आर्डर) के मुताबिक, हिसार के आईजी इस मामले में निष्पक्ष जांच कर रहे हैं। वहीं, पीड़ित परिवार लगातार यह आरोप लगा रहा है कि पूरे षड्यंत्र में सरपंच का हाथ है और उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
उधर, पीड़ितों पर दिल्ली में हुए लाठीचार्ज और पीड़िता के चाचा द्वारा जहर खाए जाने के बाद राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने इस मामले में कड़ा संज्ञान लिया है। आयोग ने इस मामले में दूसरी बार हिसार प्रशासन को तलब किया है। 19 मई को हिसार प्रशासन अपना जवाब पेश करेगा।
इस मामले की जांच तीन सदस्यीय अफसरों की कमेटी से करवाए जाने की सिफारिश आयोग ने की है। जांच प्रक्रिया के दौरान आयोग इस मामले पर पूरी नजर रखेगा। आयोग ने यह आश्वासन पीड़ितों के परिजनों को दिया है। इस मामले में हिसार पुलिस अधीक्षक को पहले ही तलब किया जा चुका है।
पुलिस इस मामले में अपनी रिपोर्ट सौंप चुकी है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से यह मामला फिर से तूल पकड़ चुका है। आयोग के सदस्य ईश्वर सिंह के मुताबिक 19 मई को इस मामले में हिसार प्रशासन को तलब किया गया है। आयोग ने सिफारिश की है कि इस मामले में आगे की जांच आयोग की निगरानी में तीन सदस्यीय अधिकारियों की कमेटी करे।
गांव के माहौल का करवाएंगे पता
आयोग के सदस्य ईश्वर सिंह ने बताया कि मामले की दोबारा से जांच होगी। हर एक पहलू पर गंभीरता से जांच करवाई जाएगी। पीड़िता के चाचा ने जहर क्यों निगला और फिलहाल गांव में क्या माहौल है, इस सबके बारे में अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी जाएगी। उन्होंने कहा कि अभी चुनावी माहौल है। शनिवार और रविवार की छुट्टी होने के चलते सोमवार को हिसार पुलिस प्रशासन को आयोग तलब करेगा।
यह था मामला
23 मार्च को गांव की चार लड़कियों को नशीला पदार्थ सुंघाकर दबंग बठिंडा ले गए थे। लड़कियों ने पांच युवकों पर रेप और छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। इन आरोपियों में ललित, संदीप, सुमित सहित दो अन्य शामिल युवक थे। परिजनों ने 25 मार्च को लड़कियों को बठिंडा रेलवे स्टेशन से बरामद किया था। मामला दर्ज करवाने के दिन ही वे लघु सचिवालय में धरने पर बैठ गए थे।
इसके बाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी परिवार ने अपना विरोध जताया। वहां कई संगठन पीड़ितों के साथ संघर्ष करने लगे, लेकिन किसी ने भी उनकी मांगों की ओर ध्यान नहीं दिया। पीड़ितों का आरोप है कि अभी तक न तो इस मामले में शामिल नेता पर कोई कार्रवाई की गई है और न ही उनके पुनर्वास का इंतजाम किया गया है।
जहर निगलने वाले चाचा पर केस दर्ज
पुलिस से न्याय न मिलने से आहत दुराचार पीड़ित युवती के चाचा पर आत्महत्या का प्रयास करने का केस दर्ज किया गया है। फिलहाल चाचा की हालत खतरे से बाहर है। जहर निगलने वाले व्यक्ति का बेटा भी पूरी तरह से स्वस्थ है। कैंट चौकी ने पीड़िता के चाचा के खिलाफ धारा 309 के तहत मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
पुलिस ने पूरे मामले की बारीकी से जांच की है। अभी तक इस प्रकरण में सरपंच पर आरोप सिद्ध नहीं हो रहे हैं। हमने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मामले में किसी भी दोषी को बख्शा न जाए। - शत्रुजीत कपूर, आईजी हिसार रेंज