स्वर्ण पदक के साथ पहलवान सतेंद्र मलिक। संवाद
हिसार। जोर्डन में शुक्रवार शाम हुई अंडर-15 एशिया कुश्ती चैंपियनशिप में सुल्तानपुर के सतेंद्र मलिक ने फाइनल में ईरान के पहलवान को 8-6 से हराकर स्वर्ण पदक जीत लिया है। इससे पहले हुए सेमीफाइनल मुकाबले में सतेंद्र ने उज्बेकिस्तान के पहलवान को 10-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। सतेंद्र मूलरूप से गांव सुल्तानपुर का रहने वाला है। वह पिछले पांच साल से उमरा के एशियन स्पोर्ट्स स्कूल में कोच संजय मलिक के पास प्रशिक्षण ले रहा है।
रविवार को गांव उमरा से सुल्तानपुर तक विजयी जुलूस निकाला जाएगा। कई जगह सतेंद्र का स्वागत होगा। बता दें कि पहलवान सतेंद्र मलिक ने अपने बड़े भाई अमन को देखकर पहलवानी सीखनी शुरू की थी। सतेंद्र 2022 में नेशनल चैंपियनशिप में रजत पदक जीत चुका है। अब सतेंद्र ने 62 किलोग्राम भारवर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किया है। कोच संजय मलिक ने बताया कि पिछले माह सोनीपत साई में ट्रायल हुए थे। इस ट्रायल में सतेंद्र ने सभी छह फाइट जीती और एशिया चैंपियनशिप के लिए जगह बनाई। अब सतेंद्र का सपना ओलंपिक में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतना है। इसके लिए वह उमरा के एशियन स्पोर्ट्स स्कूल में सुबह-शाम पांच से छह घंटे तक पसीना बहा रहा है।
कोच संजय मलिक ने बताया कि एशिया कुश्ती चैंपियनशिप के लिए सतेंद्र ने कड़ी मेहनत की और स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। सतेंद्र से अन्य पहलवानों को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।