विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को हरियाणा में एक और झटका लगा है। अशोक तंवर के बाद दिग्गज नेता प्रोफेसर संपत सिंह ने भी पार्टी छोड़ने का एलान कर दिया। रविवार शाम को पूर्व वित्त एवं गृह मंत्री ने आजाद नगर में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। अब सोमवार को ग्रामीण क्षेत्र के भी कार्यकर्ताओं की बैठक बुलाई गई है।
बैठक के बाद प्रो. सिंह पत्रकारों से रूबरू होंगे। प्रेस कांफ्रेंस में ही अपने शिकवों को मीडिया के साथ सांझा करेंगे। कार्यकर्ताओं से बातचीत में प्रो. संपत सिंह ने कहा कि उन्होंने 40 साल से भी ज्यादा समय तक साफ-सुथरी राजनीति की है। पहले इनेलो में रहकर जनता की सेवा की, उसके बाद कांग्रेस में शामिल हुए।
कांग्रेस ने फतेहाबाद से नए बने नलवा हलके में भेज दिया। मगर हलका नया होने के बावजूद उन्होंने कड़ी मेहनत कर कार्यकर्ताओं को संजोया। इन्हीं कार्यकर्ताओं के बल पर कांग्रेस को मजबूती प्रदान की। 2009 में विधायक बनकर हलके के ग्रामीण आंचल के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी। मगर अब कांग्रेस ने ही उनको बेघर कर दिया। उनका टिकट काटकर उनके साथ धोखा किया गया है।