ऋषिनगर हिसार में संकरी गलियों में संचालित कोचिंग सेंटर।
हिसार। शहर में संचालित अधिकांश कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में है। करीब 250 से अधिक कोचिंग संस्थानों में से केवल 15 के पास ही फायर एनओसी है जबकि 235 से अधिक संस्थान बिना फायर एनओसी के संचालित हो रहे हैं। कई संस्थान बेसमेंट, पहली और दूसरी मंजिलों पर चल रहे हैं जहां आपात स्थिति में निकासी के लिए केवल एक संकरा रास्ता उपलब्ध है।
यूपी के लखनऊ में हुए हादसे के बाद हिसार के कोचिंग संस्थानों की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठने लगे हैं। शहर में 100 से अधिक कोचिंग सेंटर आवासीय क्षेत्रों में संचालित किए जा रहे हैं। बस अड्डे के पास ऋषि नगर में बहुमंजिला भवनों में कोचिंग सेंटर चल रहे हैं जहां पहुंचने के लिए संकरी गलियां हैं। यहां की सड़कें महज 10 से 12 फीट चौड़ी हैं और उन पर अवैध पार्किंग तथा रेहड़ियों का कब्जा रहता है। सुबह से शाम तक क्षेत्र में पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाता है।
इस इलाके में प्रतिदिन तीन से चार हजार विद्यार्थी आते-जाते हैं। कई लाइब्रेरी और कोचिंग सेंटरों में प्रवेश और निकास के लिए केवल एक सीढ़ी है। जिन भवनों में लिफ्ट लगाई गई है वहां कई जगह सीढ़ियों का उपयोग सीमित कर दिया गया है।