हिसार। भले ही वायु गुणवत्ता सूचकांक बहुत खराब से मध्य श्रेणी में आ गया है, लेकिन शहर की फिजा में छाई स्मॉग की घनी परत अब भी लोगों की सांसों में जहर घोल रही है। निर्माण स्थलों पर दिनभर धूल उड़ती है, शहर में सार्वजनिक स्थलों पर कचरा जल रहा है, वहीं खेतों में दिन-रात पराली जलाई जा रही है। किसानों पर कार्रवाई के बावजूद पराली जलने की घटनाएं थम नहीं रहीं, वहीं शहरी क्षेत्र में डीसी के प्रदूषण की रोकथाम संबंधी आदेश की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। नतीजतन वीरवार को एक्यूआई 164 रहने के बावजूद दिनभर स्मॉग का असर रहा। आलम यह था कि दोपहर करीब साढ़े चार बजे ही सड़कों पर अंधेरा छाने लगा था।
पिछले दिनों तत्कालीन उपायुक्त प्रदीप दहिया ने सभी विभागों को पत्र जारी कर साफ आदेश दिया था कि सड़कों के निर्माण के दौरान धूल न उड़े, इसके लिए पानी का छिड़काव किया जाए, भवन निर्माण स्थलों पर हरे रंग की नेट लगाकर काम कराएं। वहीं, सड़कों की सफाई के लिए वैक्यूम मशीन का उपयोग किया जाए। कहीं पर भी घरेलू कचरा, औद्योगिक कचरा या पेड़ों के पत्तों को न जलाया जाए। ऐसा करने वालों पर कार्रवाई की जाए। अलग-अलग विभागों की जिम्मेदारी भी तय की गई, लेकिन इन आदेशों की कहीं पालना नजर नहीं आ रही है। कॉलोनियों में खुले में निर्माण चल रहा है, क्रशर से खुलेआम धूल उड़ती है। सड़क निर्माण स्थलों पर भी बिना पानी का छिड़काव किए काम चलने से हवा में गर्द छा रही। अमर उजाला टीम ने वीरवार को ग्राउंड रियलिटी चेक की तो दर्जन भर स्थानाें पर कचरा जलता मिला। वहीं, शहर से बाहर निकलते ही शाम को धान के खेतों से लपटें उठतीं दिखीं।
पराली जलाने के अब तक 24 केस
वीरवार को उकलाना क्षेत्र में किसान पराली जलाते नजर आए। जिले में 1 अक्तूबर से अब तक पराली जलाने के 24 केस आ चुके हैं। हालांकि प्रदेश सरकार की ओर से पराली जलाने वाले किसानों पर एफआईआर दर्ज कराने के आदेश हैं, इसके बावजूद किसान बाज नहीं आ रहे। हालांकि पिछले साल की तुलना में पराली जलाने के केस अब तक कम आए हैं। बीते साल 1 अक्तूबर से 7 नवंबर तक पराली जलाने के 77 केस आए थे। इससे पहले 2022 में इसी अवधि के दौरान 51 और वर्ष 2021 में 41 केस आए थे।
स्मॉग से नहीं मिल रही राहत
शहर में लोगों को स्मॉग से राहत नहीं मिल रही है। सुबह-शाम स्मॉग की परत ज्यादा घनी हो जाती है। इस कारण खासकर छोटे बच्चों व बुजुर्गों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। धुएं के कारण लोग आंखाें में जलन, एलर्जी, गले में खराश, खांसी की शिकायत लेकर अस्पतालों में पहुंच रहे हैं।
एक्यूआई में आई गिरावट
वीरवार को एक्यूआई में गिरावट आई और आंकड़ा 200 से नीचे पहुंच गया। दिनभर का औसत एक्यूआई 164 दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि राजस्थान पर एक प्रति चक्रवात बना हुआ है। इसमें हवाएं जमीन से समुद्र की तरफ चलती है। एक्यूआई में इसी कारण गिरावट की संभावना है। उन्होंने बताया, 9, 12 व 15 नवंबर को पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, लेकिन इनके असर से बारिश की संभावना नहीं है। वीरवार को अधिकतम तापमान 31.1 डिग्री रहा। न्यूनतम तापमान 15.3 डिग्री रहा, जो प्रदेश में सबसे कम दर्ज किया गया।
एजेंसी पर जुर्माने के आदेश
कैमरी रोड पर बने डंपिंग प्वाइंट पर कचरा जलाने को लेकर एजेंसी पर जुर्माना लगाने के आदेश दिए हैं। शहर में कहीं से भी कचरे में आग लगाने की शिकायत मिलेगी तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. प्रीतपाल, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम
एक्यूआई डाटा बिल्कुल सही
वीरवार को एक्यूआई 164 रहा, जो बिल्कुल सही है। इसमें कोई गड़बड़ नहीं है। कहीं कचरा जलाया जा रहा है तो नगर निगम को कार्रवाई करनी चाहिए।
- सुनील श्योराण, वैज्ञानिक, हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड