हिसार। जिले में स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए बनाए गए रेलवे अंडरपास (आरयूबी) अब सुविधा से अधिक परेशानी का कारण बन गए हैं। शहर के सूर्यनगर, पटेलनगर समेत कई क्षेत्रों और ग्रामीण इलाकों में बने आरयूबी में सालभर जलभराव की समस्या बनी रहती है। गर्मियों में भी पानी भरा रहने से राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
लोगों ने रेलवे विभाग और प्रशासन से आरयूबी में जमा पानी की नियमित निकासी की मांग की है। इसी के समाधान के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की ओर से मोहल्ला सूर्यनगर, कैमरी रोड और देवा मुकलान के आरयूबी में अगले माह से वाटरप्रूफिंग कार्य किया जाएगा।
शहर के कई आरयूबी में स्थिति यह है कि हर साल बारिश के दौरान कई फुट तक पानी भर जाता है। इसके अलावा सेम की समस्या के कारण भी जलभराव बना रहता है। कई बार यह पानी वाहनों के इंजन तक पहुंच जाता है, जिससे वाहन चालकों को भारी नुकसान और परेशानी झेलनी पड़ती है।
उकलाना और कैमरी रोड के आरयूबी में तो कई महीनों से पानी भरा हुआ है। देवा मुकलान गांव के पास आरयूबी में जलभराव के कारण ग्रामीणों को शहर से जोड़ने वाला यह मार्ग प्रभावित रहता है और आवागमन मुश्किल हो जाता है।
इस समस्या के समाधान के लिए तीन आरयूबी में सुधार कार्य किया जाएगा। करीब 60 लाख रुपये की लागत से वाटरप्रूफिंग का काम किया जाएगा। पीडब्ल्यूडी बीएंडआर के जेई युद्धवीर के अनुसार कंक्रीट की ऊपरी सतह पर जलरोधी परत लगाई जाएगी और दीवारों व बेस के कंक्रीट में विशेष रसायन मिलाया जाएगा, जिससे पानी रिसाव की समस्या कम हो सके।
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शहरी क्षेत्र के सूर्यनगर मोहल्ले में आरयूबी बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। यह मांग तो पूरी हुई, लेकिन जलभराव के कारण लोगों की परेशानी बढ़ गई है। बरसात ही नहीं, गर्मियों में भी इसमें पानी भरा रहता है।
- दयानंद, सूर्यनगर।
आरयूबी में जलभराव के कारण कई वाहनों के इंजनों में पानी भर जाता है। मोहल्ले को शहर से जोड़ने के लिए यह आरयूबी बनाया गया था लेकिन जलभराव के कारण इसका लाभ नहीं मिल पाता।
- शीशपाल रेडू।
निर्माण के समय लोगों को उम्मीद थी कि बेहतर आवागमन मिलेगा लेकिन यहां हमेशा पानी भरा रहता है। कई बार कीचड़ उड़ने से कपड़े भी गंदे हो जाते हैं।
- अशोक कुमार।
मैं सेक्टर 1-4 में रहता हूं और सूर्यनगर आरयूबी से होकर ही शहर आता-जाता हूं। यहां हमेशा पानी भरा रहता है जिससे लोग जोखिम लेकर कम पानी वाले हिस्से से गुजरते हैं और हादसों की आशंका बनी रहती है।
- राजेंद्र सैनी।