हिसार। शिक्षा का अधिकार कानून (आरटीई) के तहत गरीब विद्यार्थियों के लिए 25 फीसदी सीटें आरक्षित करने में निजी स्कूल दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैंं। प्रदेश स्तर पर सर्वाधिक सिरसा जिले में 54.26 फीसदी निजी स्कूलों ने 25 फीसदी सीटें पोर्टल पर दिखाईं हैं, जबकि सबसे फिसड्डी गुरुग्राम रहा, जहां मात्र 11.70 फीसदी निजी स्कूलों ने सीटें दिखाईं हैं। हिसार इस सूची में 20वें पायदान पर है। जिले में महज 19.56 फीसदी स्कूलों ने सीटों की जानकारी साझा की है।
आरटीई के तहत प्रवेश के लिए खाली सीटों की जानकारी साझा करने संबंधी पोर्टल को रविवार रात 12 बजे बंद कर दिया गया है। अब मौलिक शिक्षा निदेशक को रिपोर्ट पेश करनी होगी। माना जा रहा है कि जिन स्कूलों ने सीटों का ब्योरा पेश नहीं किया है, शिक्षा निदेशालय उन पर सख्ती कर सकता है। बता दें कि आरटीई के तहत निजी स्कूल को सबसे छोटी कक्षा में 25 फीसदी सीटें आरक्षित रखनी होती है। इन सीटों पर उन परिवारों के विद्यार्थी ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं, जिनकी वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये है।