हिसार। वैध तरीके से अमेरिका भेजने के नाम पर खरड़ गांव के अक्षय से 50 लाख रुपये लिए, लेकिन दुबई से आगे डंकी रूट के जरिए अमेरिका के बॉर्डर तक पहुंचाया। इसी दौरान वह पकड़ा गया। अमेरिका से डिपोर्ट किए गए अक्षय की शिकायत पर शनिवार को सदर थाना पुलिस ने तीन ट्रेवल एजेंटों जींद के शामलो निवासी दीपक मलिक, जींद के ही सफीदो मार्ग निवासी रजत मोर और हिसार के पेटवाड़ निवासी मुनीष शर्मा के खिलाफ केस दर्ज किया है।
पुलिस के मुताबिक अक्षय ने रिपोर्ट में बताया कि जून 2024 को दीपक मलिक, रजत मोर और मुनीष शर्मा से उनके जींद में सफीदो मार्ग पर स्थित दफ्तर में उसने मुलाकात की। उसने वर्क वीजा के जरिए वैध तरीके से अमेरिका जाने की बात कही। आरोपियों ने इस काम के लिए 35 लाख रुपये देने को कहा और बताया कि पहले दुबई और फिर दुबई से सीधा अमेरिका का वर्क वीजा लगवाकर फ्लाइट से भेजा जाएगा। 18 जुलाई 2024 को उसे वैध तरीके से दुबई भेज दिया। वहां उसे एक महीने तक रखा। 23 अगस्त को दुबई से वीजा लगाकर सुरीनाम भेजा। इसके बाद आरोपियों ने उसके परिवार से 30 लाख रुपये मांगे और कहा कि पैसे मिलने के बाद सुरीनाम से पांच दिन बाद अमेरिका की फ्लाइट होगी। परिजनों ने 24 अगस्त को उनके खातों में तीस लाख रुपये डलवा दिए। सुरीनाम में उसे 20 दिन तक रखा गया। परिवारवालों ने एजेंट से बात की तो कहा, दो दिन बाद अमेरिका की फ्लाइट है। इसके बाद उसे बस के जरिए अमेरिका ले जाने लगे और परिजनों को बताया कि फ्लाइट से भेज रहे हैं। आरोपियों ने इसके बाद वीडियो कॉल कर परिजनों से 20 लाख रुपये और मांगे। इस राशि का भुगतान 28 नवंबर को कर दिया। बाद में उसे अन्य एजेंटों को सौंप दिया और 25 जनवरी को तीजुना बाॅर्डर से अमेरिका में प्रवेश करवाया। पेट्रोलिंग पार्टी ने अक्षय को वहीं पकड़ लिया और सेन डियागो के डिटेंशन सेंटर में ले गए। इसके बाद अन्य भारतीयों के साथ डिपोर्ट कर दिया।