ग्राम सुलखनी में गिरा प्रेमचंद पुत्र शंकर दास का मकान।
हिसार। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में हाल ही में हुई भारी बारिश के बाद कई स्थानों पर जलभराव की गंभीर स्थिति बनी हुई है। प्रभावित लोगों को प्रशासन द्वारा सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि कई गांवों में लगातार पानी भरे रहने के कारण कच्चे मकान और दीवारें ढहने लगी हैं। कई स्थानों पर मकानों के गिरने और घरेलू सामान के नष्ट होने की सूचनाएं राजस्व विभाग को मिल चुकी हैं। इसी के आधार पर राजस्वकर्मियों ने प्रभावित क्षेत्रों में मौका मुआयना शुरू कर दिया है।
फसल क्षति का मुआवजा ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के सत्यापन के बाद दिया जाएगा, जबकि मकान ढहने की सूचना पीड़ितों से व्यक्तिगत रूप से लिखित रूप में ली जा रही है। सरपंच संजय सोनी ने बताया कि मिर्जापुर क्षेत्र के गांव महाराना पाना में ग्रामीण सोमवीर पुत्र रामकुमार, बबलू पुत्र कन्हड़ और राजा के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। वहीं, सुलखनी के सरपंच विकास ने बताया कि प्रेमचंद पुत्र शंकर दास का मकान गिर गया।
हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) परिसर की झुग्गी बस्ती में रहने वाले मजदूरों को शहर की जाट धर्मशाला में शिफ्ट किया गया है, ताकि वे सुरक्षित रह सकें। इसके अलावा हिंदवान, आर्यनगर, मिर्जापुर, शाहपुर, लुदास, धना कलां, धाना खुर्द, गढ़ी नियाणा, सरसोद, टोकस पातन, नारनौंद, ढाणी पीरावाली सहित कई गांवों में जलभराव से जनजीवन प्रभावित है।