हिसार। डाबड़ा माइनर पर सड़क निर्माण प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाने की प्रक्रिया में अब तेजी लाई जाएगी। चंडीगढ़ में एसीएस व ईआईसी के साथ बीएंडआर, सिंचाई व जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक में इस प्रोजेक्ट पर मंथन किया गया। इस दौरान उच्चाधिकारियों ने जिला अधिकारियों को प्रोजेक्ट का एस्टीमेट तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही माइनर का इस्तेमाल करने वाले विभागों से विचार विमर्श करने के बाद उसी हिसाब से नक्शा बनाया जाए।
कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने बीएंडआर, सिंचाई व वन विभाग के अधिकारियों को बैठक कर इस प्रोजेक्ट की राह में आ रहीं बाधाओं को दूर करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद तीनों विभागों के अधिकारियों ने एक बैठक भी की। इस दौरान सामने आया कि माइनर की जमीन पर कब्जे हो रखे हैं, जो सड़क निर्माण में बाधा बनेंगे। इस पर सिंचाई विभाग को जमीन पैमाइश करने को कहा गया ताकि पता चल सके कि कितनी जमीन पर कब्जे हैं।
जनस्वास्थ्य विभाग से पूछा-क्या माइनर का पानी पेयजल में इस्तेमाल होता है
बैठक में जनस्वास्थ्य विभाग से पूछा कि क्या इस माइनर में आने वाला पानी पेयजल में होता है। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि माइनर का पानी सिर्फ सिंचाई में ही इस्तेमाल किया जाता है। उच्चाधिकारियों ने कहा कि जो विभाग इस पानी को इस्तेमाल में लेते हैं, उन सभी से बातचीत करके ही रोड का डिजाइन तैयार किया जाए। उच्चाधिकारियों ने वन विभाग की एनओसी के बारे में पूछा तो बीएंडआर के अधिकारियों ने बताया कि आवेदन किया हुआ है। एनओसी के एवज में वन विभाग को करीब 2.6 एकड़ जमीन देनी होगी, जिसकी तलाश की जा रही है।
एक सप्ताह में भी पूरा नहीं हुआ पैमाइश का कार्य
उधर, एक सप्ताह में भी माइनर की पैमाइश का कार्य पूरा नहीं हो सका है। दो-तीन दिन से डाटा फीड करने का काम लंबित पड़ा है। इस कारण पैमाइश का काम भी लगभग बंद है। फिलहाल पटेल नगर से गुजर रही रेलवे लाइन तक के हिस्से की ही पैमाइश की गई है। इस हिसाब से इस काम में कम से कम एक सप्ताह का समय और लग सकता है।
दिल्ली रोड का यातायात भार कम करने का प्रयास
डाबड़ा माइनर रोड को दिल्ली रोड के विकल्प के तौर पर बनाया जाना प्रस्तावित है। दिल्ली रोड पर वाहनों का काफी बोझ है। इस रोड के बनने से दिल्ली रोड पर जाम से छुटकारा मिलेगा। इसके साथ ही सेक्टर 9-11, मॉडल टाउन, सेक्टर 13, 16-17, पीएलए, जवाहर नगर, हाउसिंग बोर्ड, डिफेंस कॉलोनी के लोगों को फायदा होगा।
जल्द से जल्द सिरे चढ़ाने का प्रयास
चंडीगढ़ में आयोजित बैठक में प्रोजेक्ट का एस्टीमेट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग का प्रयास है कि इस प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द सिरे चढ़ाया जाए। - अजीत सिंह, एसई, बीएंडआर