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Hisar News: सुगम होगा रास्ता... एयरपोर्ट की जमीन पर ही बनेगी तलवंडी राणा के लिए सड़क, मंत्री ने दिए पैमाइश के आदेश

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तलवंडी राणा जाने वाला अधूरा रोड। 
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हिसार। सड़क के लिए 504 दिन तक धरना देने वाले तलवंडी राणा गांव के बाशिंदों की राह आसान होने की उम्मीद जल्द पूरी होगी। गांव के लिए 2.2 किलोमीटर लंबी सड़क एयरपोर्ट की जमीन पर ही बनाई जाएगी। नागरिक उड्डयन मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने बीएंडआर के अधिकारियों को सड़क के लिए पैमाइश करने के आदेश दिए हैं। इस सड़क के बनने से न केवल तलवंडी राणा बल्कि आसपास के गांवों व बरवाल के करीब 30 हजार लोगों को फायदा होगा।
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एयरपोर्ट निर्माण के कारण बरवाला रोड को करीब दो साल पहले बंद कर दिया गया था। इस पर ग्रामीणों ने नई सड़क की मांग को लेकर धरना शुरू कर दिया। इसके बाद तत्कालीन उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने एयरपोर्ट एरिया से अस्थायी सड़क बनवाकर दी थी, लेकिन कुछ समय बाद ही इसे बंद कर दिया गया। इस पर स्थायी सड़क की मांग को लेकर ग्रामीणों ने धरना शुरू कर दिया, जो 504 दिन तक चला। धरना देने वाली तलवंडी राणा रोड बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष ओमप्रकाश कोहली ने बताया कि उनके आंदोलन के बाद 2.3 किलोमीटर सड़क बनाकर दी थी, लेकिन 2.2 किलोमीटर सड़क बननी अब भी बाकी है।
यह दिया जा रहा है तर्क
धरना समाप्ति के समय यह तय हुआ था कि 2.2 किलोमीटर की सड़क में करीब 10 एकड़ जमीन नागरिक उड्डयन विभाग व करीब 2 एकड़ जमीन वन विभाग की आ रही है। जितनी जमीन वन विभाग से लेनी है, उसके बदले एयरपोर्ट की जमीन दे दी जाएगी। तब नागरिक उड्डयन मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने कहा था कि चूंकि एविएशन विभाग उनके पास है तो जमीन ट्रांसफर करने में दिक्कत नहीं आएगी, लेकिन अब मंत्री तर्क दे रहे हैं कि वन विभाग को जमीन ट्रांसफर होने में 7 से 8 माह का समय लगेगा। ऐसे में सड़क बनाने के लिए जितनी जमीन चाहिए, उतनी एयरपोर्ट से दे दी जाएगी। यानी वन विभाग से जमीन लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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डीसीएम मिल प्रबंधन से करें बातचीत
तलवंडी राणा के लिए बनाई 2.3 किलोमीटर की सड़क का 50 फुट का टुकड़ा अब भी अधूरा पड़ा है। इस टुकड़े को लेकर डीसीएम मिल प्रबंधन व बीएंडआर के अधिकारियों में विवाद चल रहा है। मिल प्रबंधन अपनी 16 मरले जमीन मार्केट भाव पर बीएंडआर को बेचना चाहता है, लेकिन बीएंडआर कलेक्टर रेट पर जमीन खरीदने की बात कर रहा है। इस पर मिल प्रबंधन ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जहां से स्टे मिल गया था। इसके बाद की सुनवाई में हाईकोर्ट ने मिल प्रबंधन को निचली अदालत में जाने को कहा। नागरिक उड्डयन मंत्री ने बीएंडआर के अधिकारियों को निर्देश दिए है कि निचली अदालत में जाने से पहले ही डीसीएम मिल प्रबंधन से जमीन लेने के लिए बातचीत कर लें।
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इन गांवों के लोगों को होगा फायदा

इस सड़क के बनने से तलवंडी राणा के अलावा नजदीकी गांव जुगलान, बहबलपुर, धिकताना, बाडो पट्टी, सरसौद, बिछपड़ी व राजली के करीब 20 हजार लोगों को फायदा होगा। इसके अलावा बरवाला से हिसार आने वाले लोग भी इस सड़क का इस्तेमाल करेंगे। बरवाला की तरफ से प्रतिदिन करीब 10 हजार लोग हिसार आते हैं।


वन विभाग से जमीन लेने में 7 से 8 माह का समय लग जाता। इसे देखते हुए इस सड़क को एयरपोर्ट की जमीन पर ही बनाया जाएगा ताकि जमीन की अदला-बदली का झंझट ही खत्म हो जाए। बीएंडआर के अधिकारियों को पैमाइश कर काम शुरू करवाने को कह दिया है। उधर, 50 फुट के टुकड़े को लेकर भी डीसीएम मिल प्रबंधन से बातचीत करने को कहा है।
- डॉ. कमल गुप्ता, नागरिक उड्डयन मंत्री, हरियाणा सरकार
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नागरिक उड्डयन विभाग ने गैस प्लांट की जमीन अपने अधीन ले ली है। इसके अंदर से सड़क बनाई जाए तो उसमें मोड़ कम होंगे। इसके अलावा दिल्ली नेशनल हाईवे पर कट दिया जाए व ब्रेकर भी बनाया जाए। 50 फुट जमीन वाला मामला नहीं सुलझता है तो नाले के ऊपर भी सड़क बनाई जा सकती है।
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- एडवोकेट ओमप्रकाश कोहली, अध्यक्ष, तलवंडी राणा रोड बचाओ संघर्ष समिति
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