हिसार। कड़ी मेहनत और लगन से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। मैंने चार साल पहले सेहली कविता, निधि और स्नेहा मैदान में किक लगाती थी, उन्होंने मुझे भी फुटबाल खेलने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद मैंने पिता वेदप्रकाश से खेलने की बात पूछी तो उन्होंने हामी भर ली। इसके बाद मेरा हौसला बढ़ा और मैंने फुटबाल को ही अपना कॅरिअर बना लिया।
मैं राष्ट्रीय स्तर पर खेल चुकी हूं, मगर पदक न जीतने का मलाल है। अब अगला लक्ष्य राष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतना है। अभी से इसकी तैयारी शुरू कर दी है। मैं चूली बागड़ियान में कोच विनोद कुमार के पास अभ्यास कर रही हूं। परिवार की आर्थिक स्थिति भी सामान्य है। इसके बावजूद परिवार के सदस्यों ने मुझे खेलने से कभी नहीं रोका। अब मैं भी पदक जीत परिवार और कोच का नाम रोशन कर रही हूं। (जैसा कि चूली बागड़ियान की 14 साल की फुटबाल खिलाड़ी रितिका ने बताया)
रितिका की उपलब्धियां
- 2024 में नेशनल चैंपियनशिप में पार्टिसिपेट
- 2025 में स्कूली स्टेट चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक
- 2025 में नोर्थ जोन रिलायंस चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक