आधार अस्पताल के रेडियोलॉजिस्ट डॉ. आशु सिंगला बताते हैं कि एक्स-रे बहुत ज्यादा एनर्जी वाली विद्युत चुम्बकीय विकिरण है, जिसे कई बार एक्स-रेडिएशन भी कह दिया जाता है। एक्स-रे से टूटी हुई हड्डियों का पता लगाना, बीमारियों का पता लगाना आसान हो जाता है। उन्होंने बताया कि एक्स-रे की किरणे जब हमारे टिशु के संपर्क में आते हैं वे हमारे डीएनए की जंजीरों को तोड़ सकती हैं, जिसकी वजह से कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं का एक्स-रे किया जाता है तो उस समय निकलने वाली किरने गर्भ में पल रहे बच्चे के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकती है। ऐसे में सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने बताया कि अक्सर देखा होगा जब एक्स-रे किया जाता है तो जिस हिस्से का एक्स-रे करना होता उसके अलावा बाकी शरीर को ढक दिया जाता है।
अल्ट्रासाउंड से कोई नुकसान नहीं
लोटस अल्ट्रासाउंड के रेडियोलॉजिस्ट डॉ. राजेश रेडू ने बताया कि अल्ट्रासाउंड करते समय किरणें नहीं निकलतीं। अल्ट्रासाउंड स्वास्थ्य के लिए हानिकारक नहीं है। इसलिए चिकित्सक मरीजों को अल्ट्रासाउंड और एमआरआई करवाने की सलाह देते हैं। लोगों में अब भी भ्रांतियां फैली हुई है कि अल्ट्रासाउंड स्वास्थ्य पर प्रभाव डालता है, लेकिन ऐसा कुछ नहीं है। अब तो सीटी स्कैन में भी नई तकनीक आ चुकी है जो स्वास्थ्य पर असर नहीं डाल रही।