हिसार। सातरोड के पास साउथ बाईपास स्थित रेलवे फाटक पर निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) की संशोधित ड्राइंग को रेलवे ने मंजूरी दे दी है। इस मंजूरी के मिलने से प्रोजेक्ट के बचे हुए कार्य को पूरा करने में तेजी आएगी। अगले वर्ष मई तक इस आरओबी को तैयार किया जाना प्रस्तावित है।
विज्ञापन
बता दें कि निर्माणाधीन आरओबी के पास ही रेलवे का सब स्टेशन स्थित है। इस सब स्टेशन को 132 केवी की लाइन से बिजली सप्लाई की जा रही है। इस लाइन को साउथ बाईपास से अंडरग्राउंड किया हुआ है। यह लाइन आरओबी के लिए बिछाई जा रही पाइल के बीच में आ रही है, जिस कारण से इसे शिफ्ट किया जाना जरूरी है। मगर इसके शिफ्ट करने पर करीब 5 करोड़ रुपये खर्च आएगा। इसी को देखते हुए अधिकारियों ने फैसला किया था कि लाइन को शिफ्ट करने के बजाय ड्राइंग में फेरबदल कर दिया जाए। इसके बाद बीएंडआर ने आरओबी की संशोधित ड्राइंग तैयार कर मंजूरी के लिए रेलवे के पास भेजी थी, जिसे रेलवे ने अपनी मंजूरी दे दी।
दिसंबर 2021 में हुआ था आरओबी का शिलान्यास
इस आरओबी का शिलान्यास उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने दिसंबर 2021 में किया था। इस आरओबी के लिए कुल 18 पिलर का निर्माण किया जाना है, जिनमें से 15 पिलर का निर्माण किया जा चुका है। इनमें से 8 पिलर तोशाम रोड की तरफ और 7 पिलर सातरोड की तरफ बने हैं। बाकी बचे 3 पिलर में से 2 पिलर रेलवे के हिस्से में बनाए जाने हैं। संशोधित ड्राइंग को मंजूरी न मिलने के कारण इन पिलर का निर्माण कार्य रुका पड़ा था। चूंकि अब ड्राइंग को मंजूरी मिल चुकी है तो जल्द ही इन पिलर का निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
31.10 करोड़ की लागत से तैयार होगा आरओबी
आरओबी के निर्माण पर 31.10 करोड़ रुपये लागत आएगी। इसकी कुल लंबाई 658 मीटर होगी। सड़क की चौड़ाई 11 मीटर होगी। इसके दोनों तरफ तीन-तीन मीटर की सर्विस रोड भी बनाई जाएगी। यह आरओबी दिल्ली रोड को पार करके सातरोड में जाकर खत्म होगा। सातरोड, हिसार की तरफ व दिल्ली की तरफ इसकी लंबाई 148-148 मीटर होगी। इसके बनने से साउथ बाईपास से प्रतिदिन गुजरने वाले 10 हजार वाहन चालकों को फायदा होगा।