हिसार। तलवंडी राणा के बचे हुए 2.3 किलोमीटर के मार्ग के लिए राजस्व विभाग प्रस्ताव बनाकर सरकार के पास भेजेगा। विभाग वन विभाग व एयरपोर्ट की जमीन को हस्तांतरित करने के लिए लिखेगा। ग्रामीणों के मुख्यमंत्री से मिलने के बाद बीएंडआर ने मार्ग निर्माण के लिए अप्रैल माह में पैमाइश की थी, जिसमें करीब 7 एकड़ एयरपोर्ट व करीब 3 एकड़ वन विभाग की जमीन मिली थी।
बता दें कि बरवाला मार्ग के बंद होने के बाद से तलवंडी राणा के ग्रामीण अपने लिए स्थायी मार्ग की मांग कर रहे हैं। हालांकि सरकार ने धांसू गैस प्लांट से लेकर एयरपोर्ट की चहारदीवारी के साथ-साथ नेशनल हाईवे तक करीब 2.2 किलोमीटर लंबी रोड का निर्माण करवा दिया। मगर, ग्रामीणों का तर्क है कि इस मार्ग को पुराने से ही जोड़ दिया गया है, जबकि पुराना मार्ग हवाई अड्डे की एक्वायर की हुई जमीन में आ चुकी है। हवाई अड्डे की तीसरी पट्टी का विस्तार होते ही इस मार्ग को भी उखाड़ दिया जाएगा। उनकी मांग है कि धांसू गैस प्लांट से राणा माइनर तक लगभग 2.3 किलोमीटर की मार्ग और बनाकर दी जाए। मार्ग की मांग को लेकर ग्रामीण 500 से ज्यादा दिन से धरने पर बैठे हैं।
निचली अदालत में पहुंचा डीसीएम मिल प्रशासन
उधर, 2.2 किलोमीटर मार्ग का करीब 70 फुट हिस्से का निर्माण कार्य अभी भी लटका हुआ है। डीसीएम मिल प्रशासन इस मामले को लेकर निचली अदालत में गया हुआ है। उसकी मांग है कि उसे उसकी 16 मरले की जमीन के कॉमर्शियल के हिसाब से रेट दिए जाए, जबकि बीएंडआर उसे कलेक्टरेट के हिसाब से जमीन का मुआवजा दे रहा है। हालांकि इससे पहले मिल प्रशासन हाईकोर्ट गया था, लेकिन वहां उसकी याचिका यह कहकर खारिज कर दी गई कि वह पहले निचली अदालत का दरवाजा खटखटाए।
-हमारी तरफ से जल्द ही जमीन का प्रस्ताव बनाकर सरकार के पास भेजा जाएगा। इस प्रस्ताव पर मंजूरी मिलने के बाद ही आगामी कार्रवाई संभव हो सकेगी। -
चेतना चौधरी, जिला राजस्व अधिकारी