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आगजनी, फायरिंग से खौफजदा शहर, लगाया कर्फ्यू

Sun, 21 Feb 2016 12:35 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला हिसार
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रोहतक, भिवानी के बाद शनिवार को हिसार भी हिंसा की चपेट में आ गया। जिले में दो जगह फायरिंग में तीन लोग घायल हुए। नेशनल हाईवे और रेलवे ट्रैक के बाद अब शहर में उपद्रव शुरू हो गया है। जातीय तनाव में जातीय संगठन एक-दूसरों पर हमला बोल रहे हैं।
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पुलिस ने भीड़ को काबू करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोडे़। डीसी डॉ. चंद्रशेखर ने हिसार में कर्फ्यू लगा दिया है। रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक कर्फ्यू लगाया गया है, जिसमें दंगाइयों को देखते ही गोली मारने के आदेश दिए हैं।
 
हिसार जिले में  हिंसक झड़पें शुरू हो गई हैं। दो समुदायों की तरफ से एक-दूसरे समुदायों को नुकसान पहुंचाने के लिए हमले किए जा रहे हैं।

दर्जनों वाहनों को आग के हवाले कर दिया और जग्गाबाड़ा में गोलियां चलीं। गोली लगने से पूर्व मंत्री अतर के चचेरे भाई रामनिवास के अलावा बुधराम और सुभाष समेत पांच लोग जख्मी हो गए। रामनिवास को हाथ में गली लगी है, जबकि बुधराम को लाठियां लगी हैं।
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उन्हें यहां सिविल अस्पताल में लाया गया, जहां से उसे हिसार रेफर कर दिया गया है। भीड़ ने जग्गाबाड़ा गांव में घुसकर कई मकानों और दुकानों को आग के हवाले कर दिया। गांव में नजर आए बाइक, ऑटो और अन्य वाहनों को भी आग के हवाले कर दिया गया। घटना के बाद गांव में भगदड़ मच गई और बच्चे, महिलाएं घरों से निकलकर चिल्लाते हुए सुरक्षित स्थानों पर भागते हुए नजर आए। पूरी घटना पुलिस की मौजूदगी में हुई। पुलिस महज मूकदर्शक की भूमिका में रही।

जाट धर्मशाला में पत्थर बरसाकर तोड़फोड़
घटना की जानकारी मिलते ही दूसरे समुदाय के लोग भी कुछ दूरी पर जमा हो गए। बाद में दोनों गुटों के बीच संघर्ष हो गया, जिसमें रामनिवास को गोली लगी।

जग्गाबाड़ा में गोली और आगजनी की खबर जब शहर में फैली तो नॉन जाट समुदाय के लोग एकत्र हो गए  और नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला। इस बेकाबू भीड़ ने जाट धर्मशाला में पत्थर बरसाकर तोड़फोड़ की। यहां सेना ने उन्हें खदेड़ा।
शराब के दो ठेके आग के हवाले
भीड़ ने तिकोना पार्क और हिसार चुंगी पर शराब के दो ठेकों को भी आग के हवाले कर दिया। यहां भी बाद में सेना के जवानों ने अश्रु गैस के गोले दागकर भीड़ को खदेड़ा। सिसाय पुल के नजदीक स्थित हिंदू सीनियर सेकेंडरी स्कूल में जमकर तोड़फोड़ करने के बाद वहां खड़ी कार में आग लगा दी।

स्कूल परिसर में खड़ी बसों को भी तोड़ डाला और आग की लपटें स्कूल के कमरों तक पहुंच गई। भीड़ ने नेहरू कॉलेज के समीप स्थित डीवीएन स्कूल स्कूल में भी तोड़फोड़ की है। भीड़ ने शहनाई मैरिज पैलेस में भी तोड़फोड़ कर वहां लगा दी। यहां कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया।

गैस एजेंसी में आगजनी
हांसी में हालात बिगड़ने के बाद डरे के मारे व्यापारी अपनी दुकानें बंद कर चले गए। दोपहर को बाजार में कर्फ्यू जैसे हालात हो गए थे। युवाओं ने शनिवार को शहर में प्रदर्शन करते हुए एलान किया कि अगर पुलिस अथवा सेना जाम खुलवाने में असमर्थ रही तो वे अपने दम पर जाम खुलवाएंगे।

हांसी में देर शाम रविंद्र की बाइक एजेंसी में आग लगा दी गई, जिसमें एजेंसी में खड़ी कई बाइक जल गईं। वहीं आंदोलनकारियों ने देर शाम भाई जी ढाबा, चौधरी मारबल्स, चौधरी फूड इंडस्ट्रीज, जेट इंजन शोरूम और अन्य दर्जनों दुकानों में तोड़फोड़ की गई।

बालसमंद में फायरिंग, दो को लगे छर्रे
गांव बालसमंद में दो समुदायों में आपसी टकराव हो गया, जिसके बाद एक समुदाय से संबंध से रखने वाले पूर्व सैनिक ने फायरिंग शुरू कर दी। इसमें दो लोगों को गोली के छर्रे लगे हैं। घायलों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। देर शाम तक गांव में तनाव की स्थिति रही।
 
उग्र युवाओं को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े
एक समुदाय के युवाओं ने पुरानी सब्जीमंडी के पास एकत्र होकर प्रदर्शन किया। इन युवाओं ने दूसरे समुदाय के नाम से बनी धर्मशाला पर पथराव किया।

इसी समुदाय के नाम से बने जाट कॉलेज पर भी बोतल और पत्थर फेंके। प्रदर्शनकारी कैंप चौक की ओर बढ़ने लगे तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोडे़। कैंप चौक के पास बनी एक समुदाय के नाम पर बनी स्वीट्स कॉर्नर पर भी हमला किया गया।

फैक्ट्री में आग लगाई बाद में खुद बुझाई
रामायण गांव के पास नेशनल हाईवे पर बने टोल प्लाजा के पास लोहे की पाइप की फैक्ट्री पर हमला किया गया। फैक्ट्री में तोड़फोड़ के बाद आग लगाने का प्रयास किया गया। बाद में प्रदर्शनकारियों में ही शामिल कुछ लोगों ने आग को बुझाने का काम किया।

टकराव से बचने के लिए वापस लौटी पुलिस और सेना
फैक्ट्री में आग लगाने की जानकारी के बाद पुलिस की गाड़ियां, सेना के साथ टोल प्लाजा के पास पहुंची। भीड़ से करीब 500 मीटर पहले पुलिस गाड़ियों से उतरकर पोजीशन लेने के तैयारी कर रही थी तो भीड़ पुलिस की ओर बढ़ने लगी। पुलिस ने आला अधिकारियों से संपर्क कर वापस आने का फैसला लिया। टकराव से बचने के लिए कुछ मिनट बाद ही पुलिस और सेना की गाड़ियां वापस लौट आईं।

लोगों ने बंद किए बाजार
शाम करीब तीन बजे से ही शहर के बाजारों को बंद कर दिया। अफवाहों के चलते खौफजदा लोग अपनी दुकानों को बंद कर घरों की ओर चले गए। शाम होने से पहले ही बाजार सूने हो गए। चारों ओर लोग घबराए, हड़बड़ाए नजर आए। एक-दूसरे को शक की नजरों से देखते रहे।
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