हांसी (हिसार)। हरियाणा पुलिस की स्टेट क्राइम ब्रांच ने पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह, तारक मेहता का उल्टा चश्मा की अभिनेत्री मुनमुन दत्ता और बिग बॉस फेम अभिनेत्री युविका चौधरी के खिलाफ दर्ज मामलों में कोर्ट में केस निरस्त करने के लिए रिपोर्ट पेश की है।
दलित अधिकार कार्यकर्ता रजत कल्सन ने शहर थाने में करीब चार वर्ष पहले तीनों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज करवाया था। कल्सन ने बताया कि इस मामले में पुलिस ने हिसार की एससी-एसटी एक्ट की व्यवस्था स्थापित विशेष अदालत के न्यायाधीश गगनदीप मित्तल की अदालत में कैंसिलेशन रिपोर्ट पेश की है। इसके बाद उन्हें अदालत की तरफ से नोटिस प्राप्त हुए। नोटिस प्राप्त होने के बाद उन्होंने अदालत में बयान दर्ज कराए कि वह पुलिस जांच से संतुष्ट नहीं है। इस मामले में अगली सुनवाई 11 मार्च को होगी।
रजत कल्सन ने बताया कि पुलिस ने अपनी कैंसिलेशन रिपोर्ट में आरोपियों का बचाव करते हुए कहा है कि इन सेलिब्रिटीज ने दलित समाज के बारे में वीडियो में टिप्पणी जरूर की है। हालांकि इनकी मंशा दलित समाज को अपमानित करने की नहीं थी। उनकी मांग है कि मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए।
शिकायतकर्ता ने बताया कि स्टेट क्राइम ब्रांच के एडीजीपी, एसपी व डीएसपी के खिलाफ उन्होंने हिसार की एससी एसटी एक्ट के तहत स्थापित विशेष अदालत में एससी एसटी एक्ट की धारा 4 व आईपीसी की अन्य धाराओं में एक केस डाल रखा है। इस मामले में भी अगली सुनवाई 2 मई को होगी।