हांसी। आधार कार्ड बनवाने और अपडेट कराने के लिए परेशानियों से जूझ रहे लोगों के लिए राहत की खबर है। जिला प्रशासन ने सभी बंद और चालू आधार सेवा केंद्रों की रिपोर्ट तलब की है। रिपोर्ट के आधार पर जल्द ही बंद पड़े केंद्रों को पुनः शुरू करने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में लोगों को कतारों का दर्द और इंतजार की घड़ियां खत्म होने की उम्मीद जगी है। हांसी व नारनौंद में सात आधार केंद्र चालू हैं। बीते तीन महीनों में छह केंद्र बंद भी हुए हैं।
एसबीआई में ब्लैकलिस्ट होने के कारण केंद्र बंद है। शिक्षा विभाग की तरफ से पांच आधार मशीनें भी तीन महीने से बंद हैं। जिला सचिवालय, बीडीपीओ कार्यालय और एसबीआई जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर आधार कार्ड बनाने व अपडेट की नियमित सुविधा नहीं है। अक्सर वहां पर तकनीकी समस्या के चलते पोर्टल बंद रहता है जिससे चलते मुख्य डाकघर के आधार केंद्र पर लोड ज्यादा बढ़ रहा था।
मुख्य डाकघर में दो काउंटरों पर प्रतिदिन केवल लगभग 80 लोगों के ही आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं। आधार कार्ड बनवाने या अपडेट कराने के लिए लोगों को सुबह से ही लंबी कतारों में लगना पड़ रहा है। घंटों इंतजार के बाद भी कई बार लोगों को निराशा हाथ लगती है। सीमित संख्या में मिलने वाले नंबरों और काउंटरों की कमी के कारण विशेष रूप से दूरदराज के गांवों से आने वाले नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है जिससे उनका समय और धन दोनों व्यर्थ होता है।
अमर उजाला ने 12 जुलाई के अंक में उठाया था मुद्दा :
अमर उजाला ने 12 जुलाई के अंक में संवाद न्यूज एजेंसी की ओर से ''सिसक रहा बचपन, हांफ रहा बुढ़ापा'' शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर लोगों की समस्या को प्रमुखता से उठाया था। समाचार में बताया गया था कि शहर में आधार कार्ड संबंधी सेवाएं मुख्य डाकघर तक सीमित रहने से लोगों को काफी परेशानी हो रही है। समाचार प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हरकत में आया। एडीसी लक्षित सरीन ने इस पर संज्ञान लते हुए जिला क्रीड मैनेजर को समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कदम के निर्देश दिए हैं।
जहां-जहां पर आधार कार्ड केंद्र की सुविधा बंद हो गई है उसकी जानकारी ले रहे हैं। जल्दी ही उन्हें चालू करवाएंगे ताकि लोगों को परेशानी न हो।- इशान शर्मा, जिला मैनेजर, क्रीड।