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सेक्टर 25 में अवैध सड़क पर लगी स्ट्रीट लाइट के खंभे हटाए

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एचएसवीपी के सेक्टर 25 में बनी अवैध सड़क के किनारों से स्ट्रीट लाइट हटाए जाने के बाद - फोटो : Hisar
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हिसार। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने सेक्टर-25 में बनी अवैध सड़क को उखाड़ने के बाद सोमवार को प्राइवेट बिल्डर ने सड़क पर लगे स्ट्रीट लाइट के खंभे हटा लिए हैं। एचएसवीपी के अधिकारियों ने अब प्राइवेट प्रोजेक्ट के मालिक को नोटिस थमाने की कार्रवाई में जुट गया है।
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सेक्टर-25 में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की जमीन पर प्राइवेट बिल्डर की ओर से अवैध सड़क बनाए जाने के मामले में अधिकारियों ने रविवार देर रात तक कार्रवाई करते हुए सड़क को जेसीबी की मदद से उखड़वाया। इस सड़क पर अवैध तौर पर लगे स्ट्रीट लाइट पोल का मामला भी सुर्खियों में आ गया है। जिस पर प्राइवेट बिल्डर ने सोमवार को इन पोल को खुद ही हटाना शुरू कर दिया। देर शाम तक सभी खंभे हटा दिए गए। खंभे हटाए जाने के बाद अधिकारियों ने मुख्यालय को फोटो भेजी। सड़क को उखाड़ने के बाद अब अधिकारी प्राइवेट प्रोजेक्ट के मालिक को नोटिस थमाने की तैयारी में जुट गए हैं। अधिकारी एचएसवीपी के एक्ट को खंगाल रहे हैं। इसके आधार पर प्राइवेट प्रोजेक्ट को जुर्माना लगाने की तैयारी की जा रही है।
अब बिजली निगम पर उठ रहे सवाल
अब बिजली निगम पर उठे सवाल प्राइवेट प्रोजेक्ट का लंबे तक लाइसेंस रद्द था। करीब एक महीना पहले ही लाइसेंस को रिन्यू किया गया है। प्राइवेट प्रोजेक्ट में बिजली के कनेक्शन को लेकर भी सवाल खड़े किए गए हैं। एक लाइसेंस रद्द हो चुके प्रोजेक्ट में कनेक्शन किस आधार पर दिए गए। सरकारी जमीन पर लगे स्ट्रीट लाइट के खंभों को बिजली कनेक्शन कहां से मिला यह भी सवालों के घेरे में है।
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तू डाल-डाल मैं पात-पात
एचएसवीपी के अधिकारियों ने रविवार रात को तीन जगह पर जेसीबी से सड़क को उखाड़ा। सोमवार शाम को जेसीबी से बनाए गए गड्ढों को भर दिया गया। यहां चलने लायक रास्ता बना लिया गया।
एचएसवीपी की जमीन पर किसी को इस तरह से सड़क बनाने का हक नहीं है। हमने इंजीनियरिंग विंग की मदद से सड़क को उखड़वा दिया है। नियम अनुसार कार्रवाई की गई है। - राजेश खौथ, संपदा अधिकारी, एचएसवीपी
स्ट्रीट लाइट के खंभे का मामला अतिक्रमण में आएगा। इस संबंध में हमने कार्रवाई नहीं की है। यह कार्रवाई या तो प्रोजेक्ट मालिक ने खुद की होगी या संपदा अधिकारी इस बारे में अधिक जानकारी दे पाएंगे। - भूपेंद्र सिंह, एक्सईएन, एचएसवीपी
जनपरिवाद समिति की बैठक में यह मामला आने के बाद हमने मौके की जांच कराई थी। वहां बिजली का कोई कनेक्शन नहीं पाया गया। करीब दो महीने पहले प्राइवेट प्रोजेक्ट की ओर से अस्थाई कनेक्शन के लिए आवेदन आया था। जिसमें कुछ कमियां होने के कारण रद्द कर दिया गया था। - विजेंद्र लांबा, एक्सईएन, डीएचबीवीएन
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