हिसार। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत कपास फसल नुकसान के मामले में आदमपुर क्षेत्र के गांव मलापुर निवासी किसान हंसराज को जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग से राहत मिली है। आयोग ने रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी को 25,477 रुपये की शेष बीमा राशि 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित अदा करने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा 8,000 रुपये मानसिक प्रताड़ना मुआवजा और 5,000 रुपये मुकदमा खर्च भी देने के निर्देश दिए गए हैं।
शिकायतकर्ता हंसराज ने बताया कि उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के माध्यम से पंजाब नेशनल बैंक से ऋण लिया था। बैंक ने 29 जुलाई 2022 को खरीफ कपास फसल बीमा के लिए 8,640.85 रुपये प्रीमियम काटकर बीमा कंपनी को जमा कराया था। सितंबर-अक्तूबर 2022 में खेतों में जलभराव से उनकी कपास की फसल नष्ट हो गई जिसकी सूचना कृषि विभाग और बीमा कंपनी को समय पर दी गई, लेकिन पूरा बीमा दावा नहीं मिला।
सुनवाई के दौरान कंपनी ने बताया कि किसान को 22 जून 2023 को 1,30,057 रुपये का भुगतान किया जा चुका है। हालांकि आयोग ने रिकॉर्ड के आधार पर पाया कि 1.92225 हेक्टेयर फसल का बीमित मूल्य 1,72,816.04 रुपये था और किसान को 90 प्रतिशत नुकसान का लाभ मिलना चाहिए था।
आयोग के अध्यक्ष जगदीप सिंह और सदस्य रजनी गोयत ने आदेश में कहा कि बीमा कंपनी नुकसान का आकलन और दावा निपटान समय पर करने में विफल रही, जो सेवा में कमी है। आयोग ने कंपनी को 45 दिनों में आदेश का पालन करने के निर्देश दिए हैं, अन्यथा 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना होगा।