हिसार। शहर में वीरवार रात पटाखे खूब जले। प्रशासन ने आतिशबाजी की समय सीमा रात 8 से 10 बजे तक निर्धारित की थी, लेकिन रात 1 बजे तक शहर पटाखों के शोर से गूंजता रहा। बावजूद इसके राहत की बात यह रही कि वायु गुणवत्ता स्तर (एक्यूआई) खराब से बढ़कर बहुत खराब या गंभीर श्रेणी में नहीं पहुंचा। रात 11 बजे एक्यूआई 229 दर्ज किया गया। इसका असर यह हुआ कि शुक्रवार को भी बहुत खराब श्रेणी में न पहुंचकर 255 तक ही रहा। इसके उलट बीते साल 13 नवंबर को दिवाली की रात 11 बजे एक्यूआई बहुत खराब श्रेणी में 346 पहुंच गया था, वहीं इसके अगले दिन भी लोगों को राहत नहीं मिली। 14 नवंबर 2023 को शाम चार बजे 357 एक्यूआई रहा था।
वायु गुणवत्ता के ज्यादा खराब न होने के पीछे मौसम विशेषज्ञ हवा को प्रमुख वजह मान रहे हैं। वीरवार रात हवा चल रही थी, जिसकी वजह से प्रदूषण की परत नहीं बन पाई, हालांकि इस दौरान पीएम 2.5 और पीएम 10 स्तर अधिकतम 500 तक पहुंच गया था। इसके बाद सुबह तक धीरे-धीरे कम होता गया। वीरवार सुबह आठ बजे धूप निकल आई। इस वजह से भी आसमान में स्मॉग की परत नहीं बन पाई। मौसम विशेषज्ञ डॉ चंद्रमोहन ने बताया कि आतिशबाजी के बाद उठने वाले धुएं में कई तरह के खतरनाक रसायन होते हैं। इसमें कार्बन मोनो आॅक्साइड, हाइड्रोजन सल्फाइड, ओजोन, स्ट्राइकीन और क्लोरीन जैसी गैसों के साथ पीएम 2.5 जैसे धूल और बारूद के ऐसे कण भी हैं, जो नग्न आंखों से दिखते नहीं है। इनका स्तर हवा में बढ़ा रहा है।
इन वजहों से कम रहा एक्यूआई
- बीते साल की तुलना में पराली जलाने की घटनाएं कम
- दिन और रात में हवा का चलना
- रात्रि का तापमान में ज्यादा गिरावट न आना
- हवा में आर्द्रता कम होना और दिन में तापमान सामान्य या इससे अधिक रहना
कब कितनी रहा वायु गुणवत्ता सूचकांकसमय एक्यूआई
सुबह 4 बजे 223
सुबह 8 बजे 255
दोपहर 12 बजे 249
शाम 4 बजे 255
13 नवंबर 2023 को दिवाली की रात 11 बजे एक्यूआई: 346
14 नवंबर 2023 को कितना रहा एक्यूआई
सुबह 4 बजे 365
सुबह 8 बजे 363
दोपहर 12 बजे 366
शाम 4 बजे 357
रात 11 बजे 355
यह होता है पीएम 2.5 व पीएम 10
पार्टिकुलेट मैटर 2.5 हवा में मौजूद उन छोटे कणों या बूंदों को कहते हैं, जिनका व्यास 2.5 माइक्रोन या उससे कम होता है। ये कण धुएं में पाए जाते हैं। वहीं पीएम 10 कण 10 माइक्रोन चौड़े होते हैं। पीएम 2.5 के फेफड़ों में जाने और जमा होने की संभावना ज्यादा होती है, जबकि पीएम 10 के कण फेफड़ों के ऊपरी क्षेत्र के बड़े वायुमार्ग की सतह पर जमा हो जाते हैं। फेफड़ों की सतह पर जमा होने वाले कण ऊतकों को नुकसान पहुंचा सकते हैं और फेफड़ों में सूजन पैदा कर सकते हैं।
फोटो...सामान्य से 2.2 डिग्री ज्यादा रहा अधिकतम तापमान
शहर में शुक्रवार को दिन का तापमान 34.4 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.2 डिग्री अधिक रहा, जबकि बालसमंद में अधिकतम तापमान 34.6 डिग्री दर्ज किया। हालांकि वीरवार के मुकाबले रात के तापमान में 2.1 डिग्री की गिरावट आई और यह 16.2 डिग्री रहा, जो सामान्य से 0.3 डिग्री अधिक है। बालसमंद में न्यूनतम तापमान 14.9 डिग्री दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक होने के कारण दिन में लोगों को गर्मी का एहसास हुआ। वहीं, इससे पहले वीरवार रात भी गर्मी महसूस की गई।