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कोरोना संकट के बीच राहत : तीन जिलों में प्रदूषण शून्य, सिरसा में सबसे अधिक 98 एक्यूआई

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बेशक कोरोना संकट हमें घरों में कैद होने को बेबस कर रहा है, लेकिन शुद्ध वातावरण के मामले में ये दिन रिकॉर्ड बनते जा रहे हैं। जब से लॉकडाउन हुआ है, प्रदूषण में अप्रत्याशित गिरावट दर्ज की जा रही है। शनिवार को संभवत पिछले कई दशकों में ऐसा पहली बार हुआ होगा, जब प्रदेश के तीन जिलों फतेहाबाद, भिवानी और करनाल का एक्यूआई दर्ज ही नहीं हो पाया। यानी यहां प्रदूषण का नामों निशान नहीं था।
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इनके अलावा प्रदेश में सबसे कम प्रदूषण नारनौल का 23 और हिसार का 24 रहा। हिसार शहर में अक्तूबर 2019 में दिवाली पर पटाखे और पराली आदि जलाने के कारण वायु गुणवत्ता सूचकांक 1000 से भी अधिक पहुंच गया था और आम दिनों में यह 200 से 400 के बीच रहता है। प्रदेश में सिरसा का वायु गुणवत्ता सूचकांक शनिवार को सबसे अधिक 98 दर्ज किया गया। वहीं, राजधानी चंडीगढ़ में यह केवल 20 था।
बारिश ने भी डाला प्रभाव, वाहन भी बंद
शनिवार का वायु गुणवत्ता सूचकांक सबसे कम नारनौल का 23 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर रहा, जो सबसे बेहतर स्थिति है। शुक्रवार की बारिश के बाद वातावरण पूरी तरह से साफ हो गया था। अति सूक्ष्म कणों (2.5), कार्बन मोनोऑक्साइड, नाइट्रोजन डाई आक्साइड, सल्फर डाई आक्साइड और ओजोन की अधिकतम मात्रा में गिरावट दर्ज की गई।
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यह रहा वायु गुणवत्ता सूचकांक
जींद - 55
अंबाला - 42
बहादुरगढ़ - 41
भिवानी - -
धारूहेड़ा - 41
फरीदाबाद - 79
फतेहाबाद - -
गुरुग्राम - 60
हिसार - 24
जींद - 55
कैथल - 31
करनाल - -
कुरुक्षेत्र - 38
मंडीखेड़ा - 88
मानेसर - 43
नारनौल - 23
पलवल - 56
पंचकूला - 49
पानीपत - 54
रोहतक - 26
सिरसा - 98
सोनीपत - 61
यमुनानगर - 37
चंडीगढ़ - 20
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