मंडलायुक्त आवास पर पुस्तक का विमोचन करते मंडलायुक्त अशोक गर्ग, साथ में संपादन टीम व महिला सफाई
हिसार। महिला सफाईकर्मी अक्सर मुझे कहती थीं कि हमें कौन पूछता है। हमारी जिंदगी में कोई हौसला नहीं है। बस लोगों की गालियां सुनने को मिलती हैं। इस पर मैंने उन्हें अपने बारे में लिखने को प्रेरित किया और कहा कि लोग तुम्हारे बारे में पढ़ेंगे तभी उनकी तुम्हारे प्रति सोच बदलेगी। यह किताब महिला सफाईकर्मियों के प्रति समाज की सोच बदलने में अहम भूमिका निभाएगी।
मंडलायुक्त अशोक गर्ग ने बुधवार को जहर जो हमने पीया पुस्तक के विमोचन अवसर पर यह बात कही। इस पुस्तक में 41 महिला सफाईकर्मियों की आत्मकथा है। मंडलायुक्त इस पुस्तक की संपादकीय टीम में शामिल रहे हैं। पत्रकारों से बातचीत में गर्ग ने बताया कि ये महिला सफाई कर्मचारियों की किताब है। उन्होंने जैसी जिंदगी जी है। यह उसकी किताब है। इस किताब में उनके अनुभव हैं।
पूरे देश में इस तरह की यह पहली किताब है, जिसमें महिला सफाई कर्मचारी ने खुद की जिंदगी के बारे में लिखा है। जब हमने इनकी कहानियों को पढ़ा तो सामने आया कि कहानियों में ज्यादातर उनका अपमान व जिल्लत है, जो सिंबोलिक तौर पर जहर से कम नहीं है। यह शीर्षक इन कहानियों के लिए उपयुक्त है। विमोचन के दौरान 41 महिला सफाई कर्मियों को मंडलायुक्त ने अपने आवास पर बुलाकर मंच पर बैठाया।